जम्मू कश्मीर के कुलगाम जिले के केलम गांव में आतंकियों द्वारा दो प्रवासी मजदूरों की हत्या के बाद सरकार ने उनके परिवारों के लिए आर्थिक सहायता का ऐलान किया है. मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने मृतकों के परिजनों को मुख्यमंत्री राहत कोष (CMRF) से 10-10 लाख रुपये की आर्थिक मदद देने की घोषणा की है. यह राशि जिला प्रशासन की ओर से दी जा रही 6-6 लाख रुपये की तत्काल राहत से अलग होगी. यानी दोनों परिवारों को कुल 16-16 लाख रुपये की सहायता मिलेगी.
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कुलगाम में दो मजदूरों की कायराना हत्या की कड़ी निंदा की. उन्होंने बेगुनाह लोगों की मौत पर गहरा दुख जताते हुए पीड़ित परिवारों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की. मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार इस मुश्किल समय में पीड़ित परिवारों के साथ मजबूती से खड़ी है और हर संभव मदद की जाएगी.
जम्मू-श्रीनगर हाईवे बंद, यात्रियों के लिए रेलवे ने चलाई स्पेशल ट्रेन
छत्तीसगढ़ के रहने वाले थे दोनों मजदूर
मृतक मजदूरों की पहचान दीपक रात्रे (24) और भूपेंद्र के रूप में हुई है. दोनों छत्तीसगढ़ के रहने वाले थे और रोजगार की तलाश में घाटी पहुंचे थे. शुक्रवार शाम सूरज ढलने के बाद आतंकियों ने उन पर गोलीबारी कर दी. हमले में दीपक रात्रे की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि गंभीर रूप से घायल भूपेंद्र को इलाज के लिए श्रीनगर के शेर ए कश्मीर इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (SKIMS) ले जाया गया. वहां शनिवार सुबह इलाज के दौरान उन्होंने भी दम तोड़ दिया.
घटना के तुरंत बाद सुरक्षा बलों ने पूरे केलम इलाके की घेराबंदी कर दी. हमलावरों की तलाश के लिए जम्मू कश्मीर पुलिस और सेना ने बड़े स्तर पर घेराबंदी और तलाशी अभियान (CASO) शुरू कर दिया है. सुरक्षा एजेंसियां हमले में शामिल आतंकियों की तलाश में लगातार अभियान चला रही हैं.
फारूक अब्दुल्ला ने बताया बर्बर
नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) के अध्यक्ष डॉ. फारूक अब्दुल्ला ने भी कुलगाम आतंकी हमले की कड़ी निंदा की. शनिवार (01 अगस्त) को अपने बेटे और मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के साथ जारी संयुक्त बयान में उन्होंने कमजोर प्रवासी मजदूरों को निशाना बनाए जाने को बर्बर और अमानवीय कृत्य बताया.
वरिष्ठ नेता ने बेगुनाह लोगों की मौत पर गहरा दुख व्यक्त किया. उन्होंने छत्तीसगढ़ के दोनों पीड़ितों के परिवारों के प्रति संवेदना जताई और मांग की कि इस घिनौने कृत्य के लिए जिम्मेदार लोगों को तुरंत सजा दिलाई जाए.
महबूबा मुफ्ती ने सुरक्षा व्यवस्था पर उठाए सवाल
पीपल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (PDP) की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने भी कुलगाम आतंकी हमले की कड़ी निंदा की. उन्होंने बेकसूर प्रवासी मजदूरों को निशाना बनाए जाने को अकल्पनीय रूप से क्रूर बताया और अमरनाथ यात्रा के लिए सुरक्षा इंतजाम कड़े होने के बावजूद सुरक्षा व्यवस्था की नाकामी पर सवाल उठाए.
पूर्व मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ के दो मजदूरों की मौत पर गहरा दुख जताया और इस घटना को सुरक्षा में गंभीर चूक बताते हुए सुरक्षा व्यवस्था पर खुलेआम सवाल उठाए. महबूबा मुफ्ती ने कहा कि हमले की निंदा करने के लिए उनके पास शब्द नहीं हैं और निहत्थे नागरिकों पर हुए इस हमले ने उन्हें स्तब्ध कर दिया है.
उन्होंने कहा, "ये मजदूर अपने घरों से दूर जाकर कड़ी मेहनत करते हैं. सिर्फ अपने परिवारों का पेट पालने के लिए इसलिए उन्हें निशाना बनाना बेहद क्रूर है. महबूबा ने कहा कि यह हमला भारी सुरक्षा तैनाती के बावजूद हुआ जिसके कारण अमरनाथ यात्रा के दौरान इलाके के लोगों को बहुत परेशानी होती है और इसके बावजूद ऐसे हमले हो रहे हैं."
कुलगाम हमला: BJP ने पूर्व CM को घेरा, '6 महीने का वीजा...'
महबूबा मुफ्ती ने स्वतंत्र जांच की मांग करते हुए कहा, "अनंतनाग के बाद हजारों लोगों को हिरासत में लिया गया और अब भी OGW (ओवर ग्राउंड वर्कर) और उग्रवाद से संबंध के नाम पर लोगों को परेशान किया जा रहा है. कश्मीरी लोग इन हमलों से खुद हैरान और दुखी हैं, लेकिन साथ ही, सुरक्षा एजेंसियों को जांच के नाम पर आम लोगों को निशाना बनाने के लिए ऐसी घटनाओं का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए."
उन्होंने कहा, "अधिकारियों को इस बात की गहन जांच करनी चाहिए कि कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बावजूद उग्रवादी हमला करने में कैसे कामयाब रहे." मुफ्ती ने इस बात पर जोर दिया कि "हिंसा का यह सिलसिला रुकना चाहिए," क्योंकि घाटी में ईमानदारी से गुजारा करने की कोशिश कर रहे बेकसूर नागरिकों को इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ती है.
