जम्मू और कश्मीर को धरती का स्वर्ग माना जाता है. यहां देशभर से पर्यटक घूमने आते हैं. कश्मीर के प्रमुख टूरिस्ट प्लेस में से एक पहलगाम है. ये अनंतनग जिले के अंतर्गत आता है. समुद्र तल से इसकी ऊंचाई  2130 मीटर है. पहलगाम के हिल स्टेशन प्राकृतिक सुंदरता से भरी हुई है. यहां देवदार और चीड़ के लंबे-लंबे हैं जिस पर अधिकांश समय बर्फ  जमी रहती है. एडवेंचर और ट्रेकिंग के लिए जगह खास है. इसके अलावा यहां पर्यटक गोल्फ खेलते है.

पहलगाम बॉलीवुड के लिए खास प्लेस है यहां पर कई फिल्मों की शूटिंग हो चुकी है. आज हम आपको पहलगाम के खास टूरिस्ट प्लेस के बारे में बताने जा रहे है. 

शेषनाग झील

पहलगाम की खूबसूरत झीलों में से एक शेषनीग झील है. इस झील का पानी नीले-हरे रंग का है. पहलगाम से इस झील की दूरी तकरीबन 32 किलोमीटर है. हिमालय की पर्वत श्रृंखलाओं से निकलती हुई शेषनाग झील का पानी निर्मल और साफ है. 

ममलेश्वर मंदिर

ममलेश्वेर मंदिर पहलगाम के प्राचीन मंदिरों में से एक है. इतिहासकारों के मुताबिक इस मंदिर का संबंध 12वीं शताब्दी से है. ये मंदिर ममल गांव में स्थित है जिसकी पहलगाम से दूरी तकरीबन 1 किलोमीटर है. यह मंदिर भगवान शिव को समर्पित है. 

अरु वैली

पहलगाम की खूबसूरत अरु घाटी पर्यटकों को अपनी तरफ आकर्षित करता है. घने जंगलों से घिरा हुआ अरु घाटी ट्रेंकिग और घुड़सवारी के लिए बेस्ट है. इसके अलावा यहां पर्यटक कैम्पेनिंग भी करते हैं.

तुलियन झील

तुलियन झील बर्फ से ढंकी हुई है. सफेद बर्फ के चादर के कारण ये और भी खूबसूरत लगती है. इस झील के पास हरे-भरे खूबसूरत फुल हैं. पहलगाम से इस झील की दूरी तकरीबन 15 किलोमीटर है.

चंदनवारी

अमरनाथ यात्रा का प्रारंभिक बिंदु चंदनवारी है. पहलगाम से इसकी दूरी तकरीबन 15 किलोमीटर है. पहलगाम घूमने आने वाले टूरिस्ट चंदनवारी जरूर जाते हैं.

बेताब घाटी

प्राकृतिक खूबसूरती से भरा हुए बेताब घाटी का नाम बॉलीवुड फिल्म 'बेताब' पर रखा गया है. इस घाटी पर देवदार और पाइन के पेड़, बर्फ से ढके हुए पहाड़ और खूबसूरत नदियां हैं. पहलगाम से बेताब घाटी की दूरी 15 किलोमीटर है.

बर्फ महोत्सव

पहलगाम में हर साल बर्फ महोत्सव का आयोजन कराया जाता है इस दौरान स्कीइंग, घुड़सवारी और स्लेंजिंग समेत कई अन्य खेल आयोजित होते हैं. इन खेलों में पर्यटक बढ़-चढ़ कर हिस्सा लेते हैं. बर्फ महोत्सव का शुभारंभ साल 2003 में हुआ था.    

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