पहलगाम हमले की पहली बरसी पर आज पूरे देश में शोक और आक्रोश का माहौल देखने को मिला. इस मौके पर जम्मू में शिवसेना के कार्यकर्ताओं ने पाकिस्तान के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया और उसका पुतला फूंका. हमले में जान गंवाने वाले 26 लोगों को श्रद्धांजलि देते हुए लोगों ने नम आंखों से उन्हें याद किया.

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कार्यक्रम की शुरुआत हमले में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि देने से हुई. कार्यकर्ताओं ने मोमबत्तियां जलाकर उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की. इस दौरान माहौल काफी भावुक रहा और लोगों ने कहा कि इस दर्दनाक घटना को कभी भुलाया नहीं जा सकता.

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पाकिस्तान के खिलाफ फूटा गुस्सा

श्रद्धांजलि के बाद प्रदर्शनकारियों का गुस्सा पाकिस्तान के खिलाफ खुलकर सामने आया. उन्होंने जमकर नारेबाजी की और पाकिस्तान का ताबूतनुमा पुतला जलाया. कार्यकर्ताओं का कहना था कि इस हमले के पीछे पाकिस्तान की भूमिका रही है और अब उसे इसका जवाब मिलना चाहिए.

शिवसेना नेताओं ने कहा कि हमले के बाद भारतीय सेना ने ऑपरेशन सिंधु चलाया, लेकिन इसके बावजूद पाकिस्तान अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा है. उन्होंने सरकार से मांग की कि अब सख्त कदम उठाने का समय आ गया है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों.

पीड़ितों को शहीद का दर्जा देने की मांग

प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने यह मांग जोर-शोर से उठाई कि पहलगाम हमले में जान गंवाने वाले 26 पर्यटकों को शहीद का दर्जा दिया जाए. उनका कहना था कि ये सभी आम नागरिक होते हुए भी आतंकवाद का शिकार बने और उनकी मौत देश के लिए दिए गए बलिदान से कम नहीं मानी जानी चाहिए.

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कार्यकर्ताओं ने सरकार से अपील की कि पीड़ित परिवारों को सम्मान और उचित सहायता दी जाए, ताकि उनके दर्द को कुछ हद तक कम किया जा सके.

पहलगाम हमले की बरसी पर सिर्फ जम्मू ही नहीं, बल्कि देश के कई हिस्सों में लोगों ने श्रद्धांजलि दी और पाकिस्तान के खिलाफ विरोध जताया. आम लोगों में भी इस घटना को लेकर गहरा दुख और गुस्सा साफ तौर पर देखा गया.