पहलगाम आतंकी हमले की पहली बरसी पर जम्मू कश्मीर के सीएम उमर अब्दुल्ला ने कहा कि हम आज भी पीड़ित परिवारों के गम में शामिल हैं. उन्होंने कहा कि आज का दिन हम सब पर भारी पड़ता है. हम सब पहलगाम के अफसोकनाक घटना को याद करते हैं. उन तमाम शहीदों को याद करते हैं जो गोलियों के शिकार हुए, जिनका कोई कसूर नहीं था. वो छुट्टी मनाने आए थे और आतंकियों ने इन लोगों को निशाना बनाकर इनकी कीमती जान छीन ली.
'इस तरह के हादसे कभी दोबारा न हो'
सीएम उमर अब्दुल्ला ने कहा, "हम सब आज भी उनके गम में शामिल हैं. हमने उस दिन तय किया था और आज भी उस पर कायम है कि हमारी मुकम्मल कोशिश रहनी चाहिए कि इस तरह के हादसे कभी दोबारा न हो. हम सब मिलकर इस कोशिश को मुमकिन बनाएंगे."
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पाकिस्तान का जिक्र कर क्या बोले सीएम उमर अब्दुल्ला?
इसके आगे उन्होंने कहा, "मैं तो इतना कहूंगा कि अगर इस तरह के हादसे, इस तरह के हमले पाकिस्तान चाहे भी तो हम इसे होने की इजाजत नहीं देंगे. यही हमारी कोशिश रहेगी. हमारी कोशिश है कि हालात ठीक रहें. ये सही है कि पिछले साल के मुकाबले अभी भी पहलगाम के हमले टूरिज्म पर थोड़ा बहुत असर रहा है. लेकिन जैसे जैसे सीजन बढ़ता जा रहा है, हमें उम्मीद है कि ठीक ठाक लोग जम्मू-कश्मीर आएंगे, चाहे माता के दर्शन के लिए, अमरनाथ जी के दर्शन करने के लिए या टूरिज्म के लिए."
ईरान-अमेरिका के मुद्दे पर क्या बोले?
ईरान-अमेरिका के बीच तनाव पर उन्होंने कहा, "हम तो चाहते हैं कि जंग खत्म हो. ये जंग होनी ही नहीं चाहिए थी. अब किस वजह से ईरान पर हमला हुआ ये दो ही मुल्क जवाब दे सकते हैं, एक अमेरिका और एक इजरायल. उनका मकसद क्या था, अभी तक हम समझ नहीं पाए हैं. जो उन्होंने किया वो गलत किया. लेकिन अब तो कम से कम खत्म करें क्योंकि हर मुल्क पर इस जंग का कहीं न कहीं असर पड़ रहा है. तेल की कीमतें बढ़ रही हैं और तेल का सप्लाई कम हो रहा है. तब भी बाकी देशों से हमारे हालात अच्छे हैं. हमारा पड़ोसी मुल्क कह रहा है कि आप यहां जहाज लाइए लेकिन यहां से तेल भरकर नहीं जा सकते. उस हिसाब से हमारे मुल्क में हालात बेहतर हैं."
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