जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने पश्चिम बंगाल में हुए बड़े पैमाने पर प्रशासनिक तबादलों को लेकर प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के बयान को कोट करते हुए कहा कि इस तरह के तबादले अक्सर गैर-बीजेपी शासित राज्यों में ही देखने को मिलते हैं और खासकर बंगाल में यह कोई नई बात नहीं है.

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उमर अब्दुल्ला ने साफ तौर पर कहा कि चुनाव आयोग की तरफ से की जा रही कार्रवाई चाहे जितनी भी बड़ी क्यों न हो, उससे चुनावी नतीजों पर खास असर नहीं पड़ेगा.

उन्होंने कहा, चुनाव अधिकारी नहीं जिताते, बल्कि राजनीतिक दलों के नेता और उनका जनाधार जीत दिलाता है. उनके मुताबिक, सीमाओं में फेरबदल या बड़े स्तर पर अधिकारियों के तबादले जैसे कदम सिर्फ प्रक्रियात्मक होते हैं, इससे जनता का फैसला नहीं बदलता.

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ममता के पक्ष में जताया भरोसा

उमर ने आगे भरोसा जताया कि मतगणना के दिन ममता बनर्जी भारी बहुमत से जीत हासिल करेंगी. उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब पश्चिम बंगाल में चुनावी माहौल तेजी से गरम हो रहा है और प्रशासनिक फैसलों को लेकर बहस छिड़ी हुई है.

ममता बनर्जी ने लगाए गंभीर आरोप

वहीं, ममता बनर्जी ने भी चुनाव आयोग पर गंभीर सवाल उठाए हैं. उन्होंने कहा कि जिस तरीके से चुनाव आयोग ने बंगाल को अलग से चिन्हित करके निशाना बनाया है, वह न केवल अभूतपूर्व है, बल्कि बेहद चिंताजनक भी है.

ममता का आरोप है कि चुनाव की औपचारिक अधिसूचना से पहले ही मुख्य सचिव, गृह सचिव, डीजीपी, एडीजी, आईजी, डीआईजी सहित 50 से ज्यादा वरिष्ठ अधिकारियों का तबादला कर दिया गया, जो निष्पक्षता पर सवाल खड़े करता है.

चुनावी माहौल में बढ़ी सियासी गर्मी

इस पूरे मुद्दे ने सियासी माहौल को और गरमा दिया है. एक तरफ विपक्ष चुनाव आयोग की कार्रवाई पर सवाल उठा रहा है, तो दूसरी तरफ यह मुद्दा चुनावी बहस का बड़ा केंद्र बनता जा रहा है. आने वाले दिनों में इस पर और तीखी बयानबाज़ी देखने को मिल सकती है.