जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष को लेकर एक बार फिर से प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने साफ तौर से कहा कि अपनी सरकार चुनने का अधिकार सिर्फ उस देश में रहने वाले लोगों को है. ईरान की हुकूमत का फैसला ईरान के लोगों को करना चाहिए. यूनाइटेड किंगडम के प्रधानमंत्री बिल्कुल सही हैं. हवाई बमबारी से सत्ता परिवर्तन नहीं हो सकता.''
यह फोर्स का पूरी तरह से दुरुपयोग- उमर अब्दुल्ला
ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला खामेनेई की हत्या पर उमर अब्दुल्ला ने कहा, ''ईरान में एक धार्मिक नेता की जान कुर्बान कर दी गई, जिनके नेतृत्व को न सिर्फ शिया समुदाय बल्कि दुनिया भर के मुसलमान मानते हैं. यह सत्ता परिवर्तन नहीं है. यह फोर्स का पूरी तरह से दुरुपयोग और हर अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन है."
सिर्फ ईरान के लोगों को सरकार बदलने का अधिकार- उमर अब्दुल्ला
इससे पहले भी मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा था कि सिर्फ ईरान के लोगों को सरकार बदलने का अधिकार है और उन्हें बाहर से मजबूर नहीं किया जा सकता है. उन्होंने ये भी सवाल उठाया था, ''अमेरिका और इजरायल को अयातुल्ला खामेनेई को मारने का अधिकार किसने दिया? अगर यह सही है तो रूस भी यूक्रेन में जो कर रहा है वह ठीक है और अगर कल को भारत किसी पड़ोसी देश में ऐसा करता है तो वह भी ठीक होगा.''
गिरफ्तारियों को लेकर क्या बोले उमर अब्दुल्ला?
जब उनसे पूछा गया कि कश्मीर में पिछले दिनों जो हंगामा हुआ है, उसमें कई लोगों को गिरफ्तार किया गया है और उन्हें रिहा किए जाने की मांग की जा रही है. इस पर सीएम उमर अब्दुल्ला ने कहा, ''पिछले दिनों श्रीनगर में सिविल सोसाइटी की मीटिंग हुई, उसमें ये बातें उभरकर सामने आई. एक तो जहां एफआईआर लदे हैं, उसमें लॉ एंड ऑर्डर की जो मशीनरी है, उनको एक नरम रूख अपनाना चाहिए और जहां गिरफ्तारियां हुई हैं, उनको रिहा किया जाना चाहिए. अब सिविल सोसाइटी ने ये बात सामने रखा है. अब हमने इस बात को आगे पहुंचा दिया है. अब गुजारिश की जाएगी कि अब हालात ठीक हो गए हैं तो वो इसमें पहल करें.''
