जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने मंगलवार (28 जुलाई) को पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (PDP) प्रमुख महबूबा मुफ्ती पर जंतर-मंतर पर दिए गए उनके बयान को लेकर निशाना साधा. उन्होंने आरोप लगाया कि महबूबा मुफ्ती ने कश्मीरियों के खिलाफ बल प्रयोग को सही ठहराने वाली टिप्पणी की थी और इसके लिए अब तक माफी नहीं मांगी है.

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इस हफ्ते की शुरुआत में महबूबा ने घाटी में पहले पैलेट गन का इस्तेमाल किए जाने का कथित रूप से बचाव किया था. उन्होंने कहा था कि कश्मीर में स्थिति अलग थी, क्योंकि सुरक्षा बल आंतकवाद से लड़ रहे थे. महबूबा ने राष्ट्रीय राजधानी में छात्र प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई का विरोध किया था.

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'माफी मांगने और अफसोस जताने में अंतर'- उमर अब्दुल्ला

बाद में उन्होंने सफाई देते हुए कहा था कि उन्होंने कभी भी कश्मीरियों के खिलाफ बल प्रयोग को सही नहीं ठहराया. महबूबा के बयान को लेकर पूछे गए सवाल पर उमर अब्दुल्ला ने कहा, ‘‘क्या उन्होंने माफी मांगी? क्या उन्होंने ‘माफी’ शब्द का इस्तेमाल किया? अफसोस जताने और माफी मांगने में फर्क होता है. क्या ‘माफी’ शब्द का इस्तेमाल किया गया? नहीं, है न? तो फिर माफी कहां है?’’

उमर अब्दुल्ला ने कहा, ‘‘आप सभी समझदार लोग हैं. अफसोस और माफी में फर्क होता है. ‘मैं अफसोस जाहिर करती हूं’ और ‘मैं माफी मांगती हूं’ - इन दोनों में जमीन-आसमान का फर्क है. उन्होंने शायद कहा है कि ‘अगर मेरे बयान से किसी को दुख पहुंचा हो...’ जब आप ‘अगर’ जोड़ते हैं, तो इसका मतलब है कि आप असल में माफी नहीं मांग रहे हैं.’’

'पहले झूठ फैलाया गया कि महबूबा ने ऐसा कुछ नहीं कहा था'

उमर अब्दु्ल्ला ने पीडीपी विधायक वहीद पारा से भी माफी की मांग की, जिन्होंने महबूबा के वीडियो को ‘एआई (कृत्रिम बुद्धिमत्ता) की मदद से तैयार किया गया’ बताया था. अब्दुल्ला ने कहा, ‘‘उन लोगों का क्या करें, जिन्होंने पांच दिनों तक इसे दबाने की कोशिश की? जिन्होंने झूठ फैलाया? और जिनके झूठ का पर्दाफाश आज खुद महबूबा ने सबके सामने किया? उनमें से एक जिम्मेदार विधायक हैं. अब, क्या उन्हें विधायक बने रहना चाहिए? उनके झूठ का पर्दाफाश उनकी अपनी (पार्टी) अध्यक्ष ने किया.’’

मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘पांच दिनों तक वह यही कहते रहे कि यह एआई से बनाया गया है. आज, खुद महबूबा ने कहा कि इसमें कोई एआई शामिल नहीं है.’’

महबूबा मुफ्ती ने बयान पर दी थी सफाई

पीडीपी की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने राष्ट्रीय राजधानी के जंतर-मंतर पर नीट प्रश्नपत्र लीक मामले के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे प्रदर्शकारियों के समर्थन में दिये बयान को लेकर मंगलवार को माफी मांगी. उन्होंने कहा कि उनके बयान से प्रतीत हुआ कि वह कश्मीरियों के खिलाफ बल प्रयोग को सही ठहरा रही हैं, लेकिन वास्तव में वह कहना चाहती थीं कि घाटी में आतंकवाद के कारण सुरक्षा बलों के पास एक ‘बहाना’ होता है.

महबूबा मुफ्ती ने पीडीपी के 27वें स्थापना दिवस के मौके पर यहां आयोजित संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘अगर मेरी बातों से लोग आहत हुए हैं, तो मुझे अफसोस है.’’

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