सालाना अमरनाथ यात्रा शुरू होने से पहले पीडीपी अध्यक्ष और जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने स्थानीय लोगों से जुड़े मुद्दों को लेकर एलजी प्रशासन से अहम अपील की है. उन्होंने कहा कि अमरनाथ यात्रा कश्मीर के लोगों के लिए देशभर से आने वाले श्रद्धालुओं से जुड़ने और आपसी समझ को मजबूत करने का एक बड़ा अवसर है, लेकिन सुरक्षा मंजूरी से जुड़ी परेशानियां स्थानीय लोगों के लिए चिंता का विषय बन रही हैं.
सोनमर्ग में लोगों से मिलकर सुनी समस्याएं
महबूबा मुफ्ती ने सोनमर्ग पहुंचकर पर्यटन और अमरनाथ यात्रा से जुड़े स्थानीय लोगों से मुलाकात की. इस दौरान लोगों ने उन्हें यात्रा के दौरान आने वाली चुनौतियों और अपनी चिंताओं से अवगत कराया. स्थानीय लोगों का कहना है कि सुरक्षा मंजूरी प्रमाण-पत्र हासिल करने की प्रक्रिया काफी जटिल है, जिससे उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.
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महबूबा मुफ्ती ने कहा, "मुश्किल प्रक्रिया के कारण स्थानीय लोगों के लिए सुरक्षा मंजूरी प्रमाण-पत्र हासिल करना मुश्किल होने की ख़बरें चिंताजनक हैं. मैं LG प्रशासन से अपील करती हूँ कि वे इस प्रक्रिया को आसान बनाएं ताकि जिन स्थानीय लोगों ने अमरनाथ यात्रा की उम्मीद में भारी निवेश किया है, उन्हें नुकसान न उठाना पड़े."
सोनमर्ग में लोगों को संबोधित करते हुए महबूबा मुफ्ती ने कहा कि कश्मीर की पहचान उसकी मेहमाननवाजी, दया और इंसानियत से है. उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अमरनाथ यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं का खुले दिल से स्वागत करें.
उन्होंने कहा कि यात्रा केवल धार्मिक आयोजन नहीं है, बल्कि यह कश्मीर और देश के बाकी हिस्सों के लोगों के बीच रिश्ते मजबूत करने का अवसर भी है. उनके मुताबिक, हर श्रद्धालु को ऐसा अनुभव मिलना चाहिए कि वह कश्मीर की संस्कृति, परंपराओं और यहां के लोगों की अच्छाइयों को अपने साथ लेकर जाए.
यात्रा की सुरक्षा सामूहिक जिम्मेदारी
महबूबा मुफ्ती ने पहलगाम में दिए गए अपने संदेश को दोहराते हुए कहा कि अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा केवल सुरक्षा एजेंसियों की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि कश्मीर के लोगों का भी सामूहिक कर्तव्य है.
उन्होंने कहा, "यह यात्रा हमारे लिए पूरे भारत के लोगों से जुड़ने का एक मौका है. हमारी मेहमाननवाज़ी, दया और करुणा पूर्वाग्रह और अविश्वास का जवाब होनी चाहिए."
मुफ्ती ने कहा कि यह यात्रा कश्मीर और इस्लाम के वास्तविक मूल्यों को दिखाने का भी अवसर है. उन्होंने सभी संबंधित लोगों से आग्रह किया कि हर तीर्थयात्री का सम्मान किया जाए और उन्हें सुरक्षित माहौल मिले.
उन्होंने कहा, "कश्मीर आने वाला हर श्रद्धालु हमारे मूल्यों, हमारी आस्था और हमारे लोगों की गहरी समझ के साथ लौटे. यह हमारे लिए इस्लाम और कश्मीर की सच्ची भावना दिखाने का मौका है."
सोनमर्ग रोपवे परियोजना पर भी जताई चिंता
महबूबा मुफ्ती ने अमरनाथ यात्रा और पर्यटकों को लगातार सहयोग देने के लिए गांदरबल जिले के लोगों की सराहना की. साथ ही उन्होंने एलजी मनोज सिन्हा से सोनमर्ग में प्रस्तावित रोपवे परियोजना के स्थान पर दोबारा विचार करने की मांग की.
उन्होंने कहा कि स्थानीय लोग पर्यटन को बढ़ावा देने और क्षेत्र में बेहतर बुनियादी ढांचे के पक्ष में हैं, लेकिन उनका मानना है कि परियोजना को सोनमर्ग घाटी के भीतर किसी अन्य स्थान पर विकसित किया जाना चाहिए ताकि स्थानीय लोगों की आजीविका प्रभावित न हो.
नेशनल हाईवे लॉजिस्टिक्स मैनेजमेंट लिमिटेड (NHLML) ने सोनमर्ग को थाजीवास ग्लेशियर से जोड़ने वाले 1.60 किलोमीटर लंबे रोपवे के लिए डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) तैयार करने हेतु बोलियां आमंत्रित की हैं. फिलहाल थाजीवास ग्लेशियर तक पहुंचने के लिए पर्यटकों को ट्रेकिंग या टट्टुओं का सहारा लेना पड़ता है.
यह परियोजना NHLML की देशभर में 52 रोपवे विकसित करने की बड़ी योजना का हिस्सा है. हालांकि, स्थानीय लोगों का कहना है कि वे पर्यटन विकास के विरोध में नहीं हैं, लेकिन चाहते हैं कि परियोजना ऐसी जगह बनाई जाए जिससे उनके रोजगार और कारोबार पर नकारात्मक असर न पड़े.
