Manoj Sinha On Operation Sindoor: जम्मू कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने 'ऑपरेशन सिंदूर' की सफलता का श्रेय भारत की स्वदेशी रक्षा क्षमताओं, रक्षा क्षेत्र में इनोवेशन और तकनीकी प्रगति को दिया. उन्होंने कहा कि 'ऑपरेशन सिंदूर' ने भारत की वैज्ञानिक शक्ति को दिखाया है. इसने प्रदर्शित किया है कि हमारे वैज्ञानिक, रक्षा कर्मी और जवान दुनिया में किसी से पीछे नहीं हैं.

उन्होंने आगे कहा, 'यह जीत उनके समर्पण को श्रद्धांजलि है. यह आत्मनिर्भरता के प्रति हमारी दृढ़ प्रतिबद्धता का भी प्रमाण है. भारत की सैन्य शक्ति हमारे वैज्ञानिकों के राष्ट्रीय सुरक्षा को व्यापक रूप से मजबूत करने और हमारी अर्थव्यवस्था को विकास पथ पर लाने के दृढ़ संकल्प का प्रमाण है. हमारे वैज्ञानिक विज्ञान और टेक्नोलॉजी के नए क्षेत्रों में ऐतिहासिक प्रगति करने के लिए अडिग और दृढ़ हैं."

'भौतिकी भारत यात्रा' को हरी झंडी

जम्मू कश्मीर के उपराज्यपाल ने उधमपुर से 'भौतिकी भारत यात्रा' को हरी झंडी दिखाई. अपने संबोधन में उपराज्यपाल ने भारतीय भौतिकी शिक्षक संघ (आईएपीटी) और भारत के राष्ट्रीय अन्वेषिका नेटवर्क (एनएएनआई) द्वारा प्रख्यात भौतिक विज्ञानी पद्मश्री डॉ. एचसी वर्मा के नेतृत्व में प्रायोगिक विज्ञान सीखने को बढ़ावा देने और छात्रों में जिज्ञासा, रचनात्मकता और वैज्ञानिक सोच को जगाने के लिए की जा रही उत्कृष्ट पहल की सराहना की.

परिवर्तनकारी यात्रा से जुड़े लोगों को LG ने दी बधाई

उपराज्यपाल ने कहा, ''भारत के हर जिले को कवर करने वाली 'भौतिकी भारत यात्रा', विज्ञान सीखने के आनंद को पुनर्जीवित करने के लिए एक साझा मिशन के तहत विविध क्षेत्रों को एकजुट करेगी.'' उन्होंने स्कूलों, शिक्षकों और स्टूडेंट के एक नेटवर्क को इमर्सिव इंटरैक्शन के माध्यम से जोड़ने के उद्देश्य से दूरदर्शी और परिवर्तनकारी यात्रा से जुड़े सभी लोगों को बधाई और शुभकामनाएं दीं. 

विज्ञान पूरे समाज के जीवन स्तर में कर सकता है सुधार- LG

LG ने आगे कहा, "जब विज्ञान समाज के ताने-बाने में गहराई से बुना जाता है, तो यह न केवल नवाचार को बढ़ावा देता है, बल्कि पूरे समाज के जीवन स्तर में सुधार करके एक राष्ट्र की दिशा को भी महत्वपूर्ण रूप से आकार दे सकता है." उपराज्यपाल ने इस बात पर प्रकाश डाला कि पिछले एक दशक में प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आत्मनिर्भरता के प्रति भारत की सोच बदल गई है. उपराज्यपाल ने कहा, "हमारे वैज्ञानिक जानते हैं कि भारत अपनी रक्षा के लिए दूसरों पर निर्भर नहीं रह सकता. हमने अपनी स्वदेशी क्षमताएं विकसित की हैं और हमारा सफल हमला पुनरुत्थानशील भारत का प्रतीक है." 

नई वैज्ञानिक प्रगति पर LG का जोर

इसके साथ ही उपराज्यपाल ने अपने संबोधन में विज्ञान शिक्षकों की क्षमता निर्माण और नई वैज्ञानिक प्रगति को क्लास और प्रयोगशाला में लाने पर जोर दिया. उन्होंने शिक्षण समुदाय और शैक्षणिक संस्थानों से युवा शोधकर्ताओं को प्रयोगों के लिए एक बड़ा कैनवास और बड़े लक्ष्य प्रदान करने का आग्रह किया. उपराज्यपाल ने दुनिया भर में बहुमूल्य योगदान देने वाले भारतीय वैज्ञानिकों और इंजीनियरों से घर लौटने पर विचार करने का भी आह्वान किया. उन्होंने कहा, ''अब अग्रणी आविष्कारों के लिए परिस्थितियां अनुकूल हैं और वे भारत के वैज्ञानिक और आर्थिक नेतृत्व में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं.'' उन्होंने ये भी कहा, "विज्ञान, अध्यात्म और संस्कार के संगम ने वैश्विक स्तर पर भारत के प्रभुत्व को बढ़ावा दिया है. हम भारत को एक अग्रणी वैश्विक वैज्ञानिक शक्ति बनाने के लिए वैज्ञानिक और तकनीकी उन्नति में रणनीतिक रूप से निवेश कर रहे हैं. हमारे वैज्ञानिक, नवप्रवर्तक और शोधकर्ता प्राचीन गौरव को पुनः प्राप्त करने और 2047 तक एक विकसित भारत बनाने के लिए दृढ़ हैं. यह हमारा राष्ट्रीय संकल्प है."