जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले में आतंकवाद के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस को बड़ी सफलता मिली है. पुलिस ने डचन इलाके में सक्रिय आतंकियों के कथित मददगारों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए दो लोगों को गिरफ्तार किया है. अधिकारियों का कहना है कि ये लोग स्थानीय आतंकवादियों को विभिन्न प्रकार की सहायता पहुंचाने में शामिल थे.

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किश्तवाड़ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) नरेश सिंह ने बताया कि मामले की गहन जांच के बाद तारिक अहमद गिनू और मोहम्मद इकबाल को गिरफ्तार किया गया है. तारिक अहमद गिनू वन विभाग में सरकारी कर्मचारी हैं, जबकि दोनों आरोपी टंडर, डचन क्षेत्र के रहने वाले बताए जा रहे हैं.

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पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपियों के खिलाफ आतंकियों को मदद पहुंचाने और उनके नेटवर्क को समर्थन देने के आरोप हैं. गिरफ्तारी के बाद उनसे पूछताछ की जा रही है ताकि नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी जुटाई जा सके.

कई गंभीर धाराओं में दर्ज है मामला

इस मामले में किश्तवाड़ पुलिस स्टेशन में एफआईआर संख्या 167/2025 दर्ज की गई है. आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS), गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) और आर्म्स एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है. पुलिस का कहना है कि मामले को गंभीरता से लेते हुए सभी पहलुओं की जांच की जा रही है.

पुलिस ने बताया कि इससे पहले इसी मामले में मुनीर अहमद और मशकूर अहमद को भी गिरफ्तार किया जा चुका है. जांच के दौरान मिले सुरागों के आधार पर लगातार कार्रवाई की जा रही है. अधिकारियों का मानना है कि यह एक संगठित नेटवर्क का हिस्सा हो सकता है, जिसकी पूरी कड़ी को खंगाला जा रहा है.

आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति

पुलिस ने साफ कहा है कि आतंकवाद और उसके समर्थन तंत्र के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' की नीति जारी रहेगी. सुरक्षा एजेंसियां क्षेत्र में शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए लगातार अभियान चला रही हैं. पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने तक कार्रवाई जारी रहेगी और दोषियों को कानून के मुताबिक सख्त सजा दिलाने का प्रयास किया जाएगा.

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