कश्मीर पर्यटन की अहम पहचान और दुनिया भर में मशहूर 'गुलमर्ग गोंडोला' (Gulmarg Gondola) की केबल कार सेवा एक महीने के लंबे इंतजार के बाद गुरुवार को फिर से शुरू हो गई है. 25 मई 2026 को एक बड़ी तकनीकी खराबी के बाद इस सेवा को एहतियातन बंद कर दिया गया था. सेवा की बहाली के मौके पर जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने खुद इस विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थल का दौरा किया और दोपहर 3 बजे गोंडोला की पहली सवारी कर इसका विधिवत शुभारंभ किया.

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मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने केबल कार के कामकाज और सुरक्षा व्यवस्थाओं का बारीकी से जायजा लिया. गुलमर्ग के विधायक पीरज़ादा फारूक अहमद शाह ने भी गोंडोला सेवा फिर से शुरू होने की आधिकारिक घोषणा की. उन्होंने बताया कि लंबी मरम्मत और टेस्टिंग के बाद इसे आम पर्यटकों के लिए सुरक्षित रूप से खोल दिया गया है.

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25 मई को हवा में फंस गए थे 300 टूरिस्ट

गौरतलब है कि ठीक एक महीने पहले, 25 मई को गुलमर्ग गोंडोला में अचानक बड़ी तकनीकी खराबी आ गई थी. इसके कारण 300 से ज्यादा टूरिस्ट अलग-अलग केबिनों में हवा में ही फंस गए थे. घटना के बाद जम्मू-कश्मीर पुलिस, स्टेट डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (SDRF) और केबल कार कॉर्पोरेशन की तकनीकी टीमों ने मिलकर कई घंटों तक एक बड़ा बचाव अभियान चलाया था और सभी पर्यटकों को सुरक्षित बाहर निकाला था.

कई सफल ट्रायल के बाद मिली हरी झंडी

मामले की जानकारी रखने वाले एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि केबल कार कॉर्पोरेशन की तकनीकी टीम ने खराबी को जड़ से ठीक करने में कई हफ़्ते लगाए. सुरक्षा मानकों को पूरा करने के लिए पिछले दो दिनों में गोंडोला के कई सफल 'ट्रायल रन' (Trial Run) किए गए. सिस्टम की कड़ी निगरानी और टेस्टिंग के बाद ही इसके संचालन को हरी झंडी दी गई है. बता दें कि पिछले महीने संकट के समय केबल कार कॉर्पोरेशन के मैनेजिंग डायरेक्टर सैयद कमर सज्जाद ने खुद ग्राउंड जीरो पर रेस्क्यू की कमान संभाली थी.

स्थानीय अर्थव्यवस्था ने ली राहत की सांस

गुलमर्ग गोंडोला के एक महीने तक बंद रहने से स्थानीय अर्थव्यवस्था को भारी नुकसान उठाना पड़ा था. इस दौरान सैकड़ों टूर गाइड, फोटोग्राफर, टट्टू (घोड़ा) चलाने वाले और टूर ऑपरेटर पूरी तरह से बेरोजगार हो गए थे. अब सेवा के फिर से बहाल होने से स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली है. उन्हें पूरी उम्मीद है कि इससे गुलमर्ग में पर्यटन की गतिविधियां दोबारा रफ्तार पकड़ेंगी और उनकी आजीविका फिर से पटरी पर लौट सकेगी.

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