जम्मू-कश्मीर में मौसम ने एक बार फिर अचानक करवट ली है. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने शुक्रवार को केंद्र शासित प्रदेश के कई हिस्सों, विशेषकर घाटी के इलाकों में भारी बारिश और खराब मौसम को लेकर एक गंभीर अलर्ट जारी किया है. मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि अगले कुछ घंटों में कई स्थानों पर मूसलाधार बारिश हो सकती है. इस बीच, दक्षिण कश्मीर के कुलगाम और शोपियां जिलों के कुछ हिस्सों में अचानक हुई भारी ओलावृष्टि ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है. इस ओलावृष्टि के कारण सेब के बागानों को भारी नुकसान पहुंचने की खबर है, जो कश्मीर की स्थानीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ माने जाते हैं.

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आईएमडी (IMD) के श्रीनगर केंद्र द्वारा जारी किए गए तत्काल मौसम पूर्वानुमान (Nowcast) के अनुसार, अनंतनाग, प्रसिद्ध पर्यटन स्थल पहलगाम, त्राल, पुलवामा, कुलगाम, बनिहाल-रामबन और शोपियां के कई इलाकों में भारी बारिश या कुछ समय के लिए बेहद तेज बारिश होने की बहुत अधिक संभावना जताई गई है. मौसम विभाग की ओर से यह विशेष अलर्ट शुक्रवार दोपहर 2:46 बजे जारी किया गया था, जो शाम 5:46 बजे तक पूरी तरह से प्रभावी रहेगा.

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बाढ़, भूस्खलन और मिट्टी धंसने का बड़ा खतरा

लगातार हो रही बारिश और खराब मौसम के कारण पहाड़ी क्षेत्रों में खतरा काफी बढ़ गया है. मौसम विभाग ने विशेष तौर पर पहलगाम, शोपियां, कुलगाम, अनंतनाग और रामबन जिलों में अचानक आने वाली बाढ़ (Flash Floods), बड़े भूस्खलन (Landslides) और मिट्टी धंसने (Mudslides) जैसी प्राकृतिक आपदाओं की प्रबल संभावना के बारे में स्थानीय प्रशासन और जनता को चेतावनी दी है. जम्मू-कश्मीर के इन हिस्सों में पिछले कुछ दिनों से लगातार अस्थिर मौसम बना हुआ है, जिससे स्थिति और भी अधिक संवेदनशील हो गई है.

स्थानीय लोगों और यात्रियों के लिए विशेष एडवाइजरी

कम समय में अत्यधिक तेज बारिश होने से निचले इलाकों में अचानक पानी जमा होने, संवेदनशील और नदी-नालों के आसपास वाले क्षेत्रों में बाढ़ आने और महत्वपूर्ण सड़क संपर्क मार्ग बाधित होने का गंभीर खतरा बना हुआ है. इसे देखते हुए प्रशासन ने अलर्ट वाले इलाकों में रहने वाले सभी स्थानीय लोगों और घाटी घूमने आए पर्यटकों के लिए एडवाइजरी जारी की है. विशेषकर उन लोगों को जो पहाड़ी रास्तों, भूस्खलन की आशंका वाले क्षेत्रों या जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग से यात्रा कर रहे हैं, उन्हें इस तेज बारिश और खराब मौसम के दौरान अत्यधिक सावधानी बरतने और सुरक्षित स्थानों पर रुकने की सख्त सलाह दी गई है.

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