जम्मू-कश्मीर में मौसम का मिजाज बदला हुआ है. गणतंत्र दिवस (26 जनवरी) के मौके पर आसमान में बादलों का डेरा रहा. मौसम विभाग के अधिकारियों ने बताया कि कश्मीर में सोमवार शाम से पश्चिमी विक्षोभ के आने से बारिश की आशंका है. अधिकांश जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश या बर्फबारी की संभावना जताई गई है. बादल छाए रहने के वजह से सोमवार रात के तापमान में मामूली सुधार हुआ है. श्रीनगर में न्यूनतम तापमान -0.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है.
भारत मौसम विज्ञान विभाग के मुताबिक 28 जनवरी को कुछ जगहों पर हल्की बारिश या बर्फबारी की संभावना है, जबकि अगले दो दिनों तक मौसम शुष्क लेकिन बादल छाए रहने की संभावना है. मौसम विभाग ने 26 जनवरी से 28 जनवरी तक जम्मू-कश्मीर में एक और वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के सक्रिय होने का अनुमान लगाया है.
मौसम को लेकर यात्रियों और किसानों को क्या सलाह?
यात्रियों और ट्रांसपोर्टर्स को सलाह दी गई है कि वे यात्रा शुरू करने से पहले संबंधित ट्रैफिक यूनिट से हाईवे और सड़कों की स्थिति के बारे में जानकारी ले लें. वहीं किसानों को 28 जनवरी तक सभी कृषि कार्यों को स्थगित करने की सलाह दी गई है. बर्फ से ढके ऊंचे इलाकों में रहने वाले लोगों को हिमस्खलन संभावित क्षेत्रों में जाने से बचने की चेतावनी दी गई है.
कहां कितना रहा तापमान?
सोमवार (26 जनवरी) को कश्मीर घाटी में बादल छाए रहने के कारण रात के तापमान में मामूली सुधार हुआ. श्रीनगर में न्यूनतम तापमान -0.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. उत्तरी कश्मीर का स्कीइंग रिसॉर्ट गुलमर्ग घाटी में सबसे ठंडा स्थान रहा, जहां तापमान -9.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. इसके साथ ही दक्षिणी कश्मीर के पहलगाम में न्यूनतम तापमान -4.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि अन्य मौसम केंद्रों पर तापमान -1.0 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहा.
इससे तीन दिन पहले जम्मू-कश्मीर में बारिश और बर्फबारी से पहले चली तेज हवाओं के चलते ज्यादातर जगहों पर बिजली सप्लाई नेटवर्क बाधित हो गया था, हालांकि शुक्रवार (23 जनवरी) शाम तक 60 प्रतिशत से ज्यादा सप्लाई बहाल कर दी गई थी.
