जम्मू-कश्मीर सरकार ने खराब मौसम को देखते हुए बड़ा फैसला लिया है. आज सोमवार, 18 अगस्त को जम्मू संभाग के सभी सरकारी और निजी स्कूल बंद रहेंगे. स्कूल शिक्षा विभाग के निदेशक ने बताया कि भारी बारिश और प्रतिकूल मौसम की चेतावनी के चलते यह कदम उठाना पड़ा है.
जम्मू संभाग के 10 जिलों जम्मू, रियासी, उधमपुर, राजौरी, पुंछ, सांबा, कठुआ, डोडा, किश्तवाड़ और रामबन में मौसम विभाग ने अलर्ट जारी किया है.
बादल फटने से मची तबाही
पिछले 4 दिनों में जम्मू-कश्मीर में बादल फटने की 3 बड़ी घटनाएं सामने आई हैं. सबसे बड़ा हादसा 14 अगस्त को किश्तवाड़ जिले के चिसोटी गांव में हुआ. यह गांव मचैल माता मंदिर जाने वाले रास्ते का आखिरी वाहन योग्य गांव है.
यहां बादल फटने से अचानक आई बाढ़ ने भारी तबाही मचाई. इस हादसे में अब तक 61 लोगों की मौत हो चुकी है और 116 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं. वहीं, करीब 82 लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं. इनमें ज्यादातर श्रद्धालु और एक सीआईएसएफ जवान शामिल हैं.
इसी तरह, 17 अगस्त को कठुआ जिले के जोध घाटी और जंगलोट इलाकों में बादल फटने और भूस्खलन की दो घटनाएं हुईं. इन हादसों में 7 लोगों की जान चली गई और 5 लोग घायल हो गए. लगातार हो रही इन घटनाओं ने स्थानीय लोगों में दहशत फैला दी है.
मौसम विभाग का नया अलर्ट
मौसम विभाग ने 19 अगस्त तक पूरे जम्मू-कश्मीर में भारी बारिश, गरज-चमक के साथ तूफान और संवेदनशील इलाकों में बादल फटने का खतरा जताया है. साथ ही अचानक बाढ़ और भूस्खलन की आशंका भी बनी हुई है. खासतौर पर जम्मू संभाग के सभी जिले और कश्मीर के कुछ हिस्से सबसे ज्यादा प्रभावित हो सकते हैं.
मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है. प्रशासन ने भी कहा है कि लोग नदियों और नालों के पास न जाएँ और भूस्खलन की आशंका वाले इलाकों से दूरी बनाए रखें.
राहत और बचाव कार्य तेज
बादल फटने के बाद से प्रशासन ने राहत और बचाव कार्यों में तेजी ला दी है. किश्तवाड़ और कठुआ के प्रभावित इलाकों में एनडीआरएफ और स्थानीय प्रशासन की टीमें लगातार काम कर रही हैं. लापता लोगों की तलाश जारी है. घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है.
हालांकि खराब मौसम की वजह से राहत कार्यों में दिक्कतें आ रही हैं. बारिश और भूस्खलन के कारण कई रास्ते बंद हो गए हैं, जिससे बचाव दलों को मौके तक पहुंचने में दिक्कत हो रही है. इसके बावजूद स्थानीय लोग भी प्रशासन की मदद के लिए आगे आ रहे हैं.
लोगों से सतर्क रहने की अपील
प्रशासन ने जनता से अपील की है कि वे मौसम अलर्ट को हल्के में न लें. नदी-नालों के पास जाने से बचें और अगर भूस्खलन प्रभावित इलाकों में रहते हैं तो सुरक्षित स्थानों पर चले जाएं.
सरकार ने कहा है कि हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है और जरूरत पड़ने पर और कदम उठाए जाएंगे. लोगों की सुरक्षा प्रशासन की पहली प्राथमिकता है.