जम्मू कश्मीर में हुए राज्यसभा चुनाव के नतीजे शुक्रवार (24 अक्टूब) को घोषित हो गए. चार में से तीन सीटों पर नेशनल कॉन्फ्रेंस और एक पर बीजेपी ने कब्जा जमाया. बीजेपी के सतपाल शर्मा जीतने में कामयाब हुए. नेशनल कॉन्फ्रेंस के चौधरी मोहम्मद रमजान, जी एस ओबेरॉय उर्फ शम्मी ओबेरॉय और सज्जाद किचलू ने जीत दर्ज की. सज्जाद को 57 वोट मिले. चौधरी मोहम्मद रमजान का सीधा मुकाबला बीजेपी के अली मोहम्मद मीर से था. सज्जाद किचलू का मुकाबला बीजेपी के राकेश महाजन से था. शम्मी ओबेरॉय जम्मू कश्मीर से राज्यसभा जाने वाले पहले सिख नेता होंगे. राज्यसभा चुनाव में चार क्रॉस वोटिंग हुई.

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370 हटने के बाद पहला राज्यसभा चुनाव

5 अगस्त, 2019 को अनुच्छेद 370 को निरस्त किए जाने और जम्मू-कश्मीर को दो केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित किये जाने के बाद से यह जम्मू और कश्मीर से पहला राज्यसभा चुनाव है. जम्मू-कश्मीर में राज्यसभा चुनाव तीन अधिसूचनाओं में विभाजित हैं. निर्वाचन आयोग ने जम्मू-कश्मीर की चार राज्यसभा सीट के लिए तीन अधिसूचनाएं जारी की थीं, जिनमें से दो सीट पर अलग-अलग चुनाव कराये गए, जबकि अन्य दो सीट के लिए एक ही अधिसूचना के तहत चुनाव हुए.

नेशनल कॉन्फ्रेंस ने पार्टी कोषाध्यक्ष जी एस ओबेरॉय और अपने युवा राज्य प्रवक्ता इमरान नबी डार को बीजेपी के सतपाल शर्मा के खिलाफ मैदान में उतारा. जी एस ओबेरॉय को शम्मी ओबेरॉय के नाम से भी जाना जाता है. 

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पीडीपी-कांग्रेस ने NC का किया समर्थन

नेशनल कांफ्रेंस और पीडीपी ने गुरुवार (23 अक्टूबर) को अपने-अपने विधायकों को सत्तारूढ़ पार्टी के उम्मीदवारों के पक्ष में मतदान करने के लिए उनकी उपस्थिति सुनिश्चित करने के मकसद से तीन-लाइन के व्हिप जारी किए. पीडीपी और कांग्रेस दोनों ने सत्तारूढ़ नेशनल कांफ्रेंस को अपना समर्थन देने की घोषणा की. 

विधानसभा में कुल 88 विधायक

जम्मू-कश्मीर विधानसभा में कुल 88 विधायक हैं, जिनमें से नेशनल कांफ्रेंस के नेतृत्व वाले सत्तारूढ़ गठबंधन और पीडीपी को मिलाकर 57 विधायक हैं. 28 विधायकों वाली बीजेपी ने तीसरी अधिसूचना में रणनीतिक रूप से अपनी जम्मू-कश्मीर इकाई के प्रमुख सत शर्मा को नामित किया.