जम्मू-कश्मीर में ईंधन बचत और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए एक अनोखी पहल देखने को मिली. राज्य के कैबिनेट मंत्री सतीश शर्मा ने शनिवार (16 मई) को कश्मीर में पारंपरिक तांगे की सवारी कर लोगों को पेट्रोल-डीजल बचाने का संदेश दिया. यह पहल ‘पेट्रोल बचाओ अभियान’ के तहत की गई, जिसका उद्देश्य लोगों को अनावश्यक वाहन उपयोग से बचने और पारंपरिक परिवहन साधनों को अपनाने के लिए प्रेरित करना है. इस मौके पर कुंवरानी रितु सिंह भी उनके साथ मौजूद रहीं.
मंत्री ने सोशल मीडिया पर वीडियो साझा करते हुए जनता से अपील की कि ईंधन की बचत करें और पर्यावरण को सुरक्षित रखने में सहयोग दें. इस पहल को पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक सकारात्मक संदेश के रूप में देखा जा रहा है, जो लोगों को जागरूक करने का प्रयास है.
'पेट्रोल की खतप कम करने के लिए तांगे का करें इस्तेमाल'- सतीश शर्मा
कैबिनेट मंत्री सतीश शर्मा ने कहा कि तांगे जैसे पारंपरिक परिवहन साधन पेट्रोल की खपत को कम करने में मदद कर सकते हैं और कश्मीर की सांस्कृतिक विरासत को भी बचाए रख सकते हैं. उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि वे खर्च में कटौती के इस अभियान में सक्रिय रूप से हिस्सा लें और ईंधन बचाने की पहलों का समर्थन करें.
सवारी के दौरान, मंत्री ने कहा कि उन्हें पर्यटन के सबसे व्यस्त मौसम में यात्रा के पारंपरिक तरीके का अनुभव करके खुशी हुई और उन्होंने जम्मू और कश्मीर आने वाले पर्यटकों का स्वागत किया. यह पहल पूरे देश में खर्च में कटौती और ईंधन बचाने की मांग के बीच आई है, जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की संसाधनों का सही इस्तेमाल करने और बेवजह के खर्च में कमी लाने की अपील के बाद शुरू हुई है.
Kashmir News: बांदीपोरा के जंगल में आतंकी ठिकाने का भंडाफोड़, सुरक्षा बलों को बड़ी कामयाबी
उपराज्यपाल ने भी अपनी गाड़ियों का किया आवागमन कम
जम्मू और कश्मीर में कई विभागों ने पहले ही ईंधन के इस्तेमाल और सरकारी खर्च को कम करने के उपाय शुरू कर दिए हैं. बताया जा रहा है कि उपराज्यपाल मनोज सिन्हा और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने भी इस अभियान के तहत अपनी गाड़ियों का आवागमन कम कर दिया है. मंत्री की तांगे की यह प्रतीकात्मक सवारी सोशल मीडिया पर काफी चर्चा में रही है. कई यूजर्स ने पर्यावरण जागरूकता, टिकाऊ पर्यटन और कश्मीर की पारंपरिक परिवहन संस्कृति को बढ़ावा देने के इस संदेश की सराहना की.
एक उच्च-अधिकारी का अपनी मोटर वाली गाड़ियों के काफिले को छोड़कर पारंपरिक तांगे से यात्रा करना, प्रशासन के सरकारी खर्च में कटौती करने के इरादे का एक महत्वपूर्ण संकेत है. जम्मू और कश्मीर प्रशासन ने पहले ही ईंधन के इस्तेमाल को कम करने के उपाय लागू करना शुरू कर दिया है. हाल ही में उपराज्यपाल ने अपने आधिकारिक सुरक्षा काफिले को आधा कर दिया था. मंत्री शर्मा द्वारा तांगे का इस्तेमाल करने से एक सांस्कृतिक पहलू भी सामने आया, जिसका उद्देश्य घाटी में गर्मियों के सबसे व्यस्त मौसम के दौरान पारंपरिक पर्यटन को बढ़ावा देना है.
