प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना (PMGKAY) के तहत लाभार्थियों के देश भर में वेरिफिकेशन के तहत जम्मू-कश्मीर ने पिछले पांच सालों में करीब 50,000 राशन कार्ड डिलीट किए हैं. केंद्र सरकार के कंज्यूमर अफेयर्स, फूड और पब्लिक डिस्ट्रीब्यूशन मिनिस्ट्री ने गुरुवार (4 दिसंबर) को लोकसभा में यह जानकारी दी. यह कार्य गड़बड़ियों की जांच और फील्ड वेरिफिकेशन के बाद किया गया.

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मिनिस्ट्री के मुताबिक जम्मू-कश्मीर ने साल 2021 में 33 हजार 677, 2022 में 2,927, 2023 में 5,403, 2024 में 4,767, और 2025 में आज तक 3,036 राशन कार्ड डिलीट किए. इससे कुल डिलीट हुए कार्ड की संख्या 49 हजार 810 हो गई.

लद्दाख में हटाए गए इतने राशन कार्ड 

केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख में साल 2021 में 614 राशन कार्ड, 2022 में 30, 2023 में 58, 2024 में 615 और 2025 में अब तक 764 राशन कार्ड हटाए गए. जिससे लद्दाख में कुल 2,081 राशन कार्ड हटाए गए.

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यह काम राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को दिए गए निर्देशों के बाद किया गया, जिसमें 2024-25 में खाद्य और सार्वजनिक वितरण विभाग द्वारा किए गए एक बड़े डेटा-एनालिटिक्स प्रोजेक्ट के दौरान बताई गई गड़बड़ियों के आधार पर फील्ड वेरिफिकेशन करने के लिए कहा गया था.

राशन कार्ड डिलीट के मामले पर सरकार ने क्या कहा?

इस पर सरकार ने कहा कि आधार, CBDT, MoRTH, MCA और CBIC डेटाबेस का इस्तेमाल करके किए गए. इस एनालिटिक्स काम में देश भर में लगभग 8.51 करोड़ संदिग्ध लाभार्थियों की पहचान की गई. इनमें 100 साल से ज्यादा उम्र के लोग, डुप्लीकेट राशन कार्ड होल्डर, बिना किसी ट्रांजैक्शन वाले 'साइलेंट' राशन कार्ड और नाबालिगों के नाम पर रजिस्टर्ड सिंगल-मेंबर राशन कार्ड शामिल थे.

मंत्रालय ने इस मामले पर क्या कहा?

मिनिस्ट्री ने कहा कि राज्यों और UTs को इन फ्लैग किए गए रिकॉर्ड्स को फिजिकली वेरिफाई करने और अयोग्य नामों को हटाने का काम सौंपा गया था. अब तक पूरे भारत में सरकारों ने अपने सिस्टम से ऐसे 2.12 करोड़ बेनिफिशियरी को हटा दिया है.

जवाब में आगे बताया गया कि राशन कार्ड का डिजिटाइजेशन, आधार सीडिंग, डी-डुप्लीकेशन और मौत या परमानेंट माइग्रेशन को ट्रैक करने जैसे टेक्नोलॉजिकल इंटरवेंशन ने राज्यों को 2021 और 2025 के बीच लगभग 2.25 करोड़ राशन कार्ड हटाने में मदद की.

अनाज के डिस्ट्रीब्यूशन को टारगेट करना- सरकार ने कहा

सरकार ने कहा कि इन उपायों का मकसद टारगेटेड पब्लिक डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम (TPDS) के तहत सब्सिडी वाले अनाज के डिस्ट्रीब्यूशन को सही तरीके से टारगेट करना सुनिश्चित करना है. केंद्र PMGKAY और नेशनल फूड सिक्योरिटी एक्ट (NFSA) के तहत अनाज बांटता है.

योग्य परिवारों की पहचान, राशन कार्ड जारी करना, और फेयर प्राइस शॉप्स की निगरानी जम्मू-कश्मीर और लद्दाख सहित राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों के एडमिनिस्ट्रेशन की जिम्मेदारी है.