Jammu Weather: जम्मू संभाग के अधिकतर इलाकों में 100 किलोमीटर प्रति घंटे की अधिक रफ्तार से चलने वाली आंधी ने तस्वीर बदलकर रख दी. तेज हवाएं, आंधी-तूफान, कई जगहों पर ओलावृष्टि के साथ भारी बारिश ने जम्मू क्षेत्र में आम जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया.
बुधवार को तेज आंधी-तूफान ने पेड़, बिजली के खंभे और टावर उखाड़ दिए, जिससे जम्मू संभाग के सभी 10 जिलों में पूरी तरह से ब्लैकआउट हो गया और जम्मू शहर और कई अन्य राजमार्गों पर सड़कों पर वाहनों की आवाजाही बाधित हो गई.
सड़कों पर जाम, सचिवालय की दीवार ढही
शहर के विभिन्न हिस्सों में पेड़, पेड़ों की बड़ी बड़ी शाखाएं और बिजली के खंभे गिरने से दर्जनों सड़कें अवरुद्ध हो गई. जम्मू सचिवालय की एक दीवार गिर गई, जिससे कई वाहन और दो पहिया वाहन क्षतिग्रस्त हो गए. इस दीवार के गिरने से सचिवालय की तरफ जाने वाले एक रास्ते पर यातायात बाधित रहा.
वहीं, जम्मू के बाहू फोर्ट के पास एक सेल फोन टावर गिर गया, जिससे दो बाइक और एक घर क्षतिग्रस्त हो गया. हालांकि, किसी के हताहत होने या किसी के घायल होने की कोई खबर नहीं है.
जम्मू में भारतीय रिजर्व बैंक, क्षेत्रीय कार्यालय के पास एक बड़ा पेड़ सड़क पर गिर गया, जबकि ग्रीन बेल्ट गांधीनगर में कई पेड़ गिरने से सड़कें अवरुद्ध हो गईं. यातायात को अलग-अलग मार्गों पर डायवर्ट किया गया. बिजली आपूर्ति पूरी तरह ठप
जम्मू में चली आंधी का सबसे ज्यादा असर बिजली के ढांचे पर पड़ा. आंधी के 12 घंटे बाद भी जम्मू के अधिकतर जिलों में बिजली की सप्लाई बहाल नहीं हो पाई. बिजली विभाग के मुताबिक जम्मू क्षेत्र में आंधी-तूफान और तेज हवाओं के कारण बिजली के बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा है.
पूरे जम्मू शहर के साथ साथ सांबा, कठुआ, राजौरी, पुंछ, रियासी, कटरा, उधमपुर, रामबन और डोडा, किश्तवाड़ क्षेत्रों में भी बिजली आपूर्ति बाधित हो गई है.
जम्मू में सतवारी क्षेत्र में लगभग 114 किलोमीटर प्रति घंटे, जम्मू उत्तर और शहर के क्षेत्रों में 74 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे, सांबा क्षेत्र में 102 किलोमीटर प्रति घंटे, कठुआ में 70 किलोमीटर जबकि रियासी और कटरा में 68-70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से यह हवाएं चलने की रिपोर्ट है.
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