नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) के अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. फारूक अब्दुल्ला ने श्रीनगर स्थित दरगाह हजरतबल में पत्रकारों से बातचीत करते हुए कई गंभीर सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर अपनी बेबाक राय रखी. उन्होंने बडगाम में एक नाबालिग बच्ची के साथ हुए जघन्य अपराध की कड़ी निंदा की और समाज के नैतिक पतन पर गहरी चिंता व्यक्त की. इसके अलावा, उन्होंने देश भर में गरमाए NEET पेपर लीक विवाद और वैश्विक राजनीतिक स्थिति पर भी अपनी प्रतिक्रिया दी.

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बडगाम की जघन्य घटना पर जताया दुख, दी नसीहत

बडगाम में 12 साल की मासूम के साथ हुए बलात्कार और हत्या की घटना पर दुख जताते हुए फारूक अब्दुल्ला एक धार्मिक और सामाजिक उपदेशक की भूमिका में नजर आए. उन्होंने समाज में आ रही नैतिक गिरावट पर चिंता जताते हुए युवाओं से आत्म-निरीक्षण करने की अपील की. पूर्व सीएम ने कहा, "हम अपना रास्ता भटक गए हैं और अल्लाह तथा कुरान को भूल गए हैं. हमें खुद को सुधारना होगा." उन्होंने जोर देकर कहा कि आज हमारा समाज आध्यात्मिक और नैतिक मूल्यों से दूर होता जा रहा है, जिसे वापस पटरी पर लाने की सख्त जरूरत है.

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NEET पेपर लीक की पारदर्शी जांच की मांग

देशभर में लाखों छात्रों के भविष्य से जुड़े NEET परीक्षा विवाद पर भी डॉ. अब्दुल्ला ने तीखी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने पेपर लीक के आरोपों की व्यापक और पारदर्शी जांच की मांग करते हुए कहा कि इस घटना ने जनता के विश्वास को बुरी तरह हिलाकर रख दिया है. बिना विस्तार में गए, उन्होंने भाजपा (BJP) शासित राज्यों से सामने आ रहे परीक्षा संबंधी विवादों का भी जिक्र किया. उनका कहना था कि प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए इस मामले में गंभीर जांच और जवाबदेही तय होनी चाहिए.

'विवादों का एकमात्र हल बातचीत है'

राजनीतिक और वैश्विक चुनौतियों पर बोलते हुए फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि लंबे समय से चली आ रही समस्याओं को सुलझाने का एकमात्र व्यावहारिक रास्ता 'बातचीत' ही है. मध्य-पूर्व और फिलिस्तीन में चल रहे क्षेत्रीय तनावों का परोक्ष रूप से हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि टकराव की बजाय आपसी जुड़ाव और बातचीत को प्राथमिकता दी जानी चाहिए. उन्होंने स्पष्ट किया कि दुनिया की किसी भी समस्या का समाधान केवल मेज पर बैठकर बातचीत से ही निकाला जा सकता है.

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