साल 2025 में आई विनाशकारी बाढ़ से जम्मू में भारतीय रेलवे के बुनियादी ढांचे (Infrastructure) को हुए भारी नुकसान की भरपाई अब अंतिम चरण में है. मई महीने तक रेल गाड़ियों का आवागमन पूरी तरह से सुचारू कर दिया जाएगा. इसके साथ ही, घाटी के लोगों के लिए एक बड़ी खुशखबरी यह है कि जल्द ही जम्मू से श्रीनगर तक सीधी (Direct) रेल सेवा भी शुरू की जाएगी.
एबीपी न्यूज़ से एक विशेष बातचीत में जम्मू रेल मंडल के डीआरएम (DRM) विवेक कुमार ने रेलवे के सामने आई चुनौतियों, रेस्टोरेशन कार्य और भविष्य की योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की.
मई तक 100% सुचारू होगा रेल नेटवर्क
डीआरएम विवेक कुमार ने बताया कि अगस्त 2025 में आई भीषण बाढ़ के कारण रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर को भारी नुकसान पहुंचा था. इस दौरान रेलवे ने आपदा प्रबंधन का बेहतरीन उदाहरण पेश करते हुए कटरा में फंसे यात्रियों को पहले बसों के जरिए उधमपुर लाया और फिर वहां से विशेष ट्रेनों के जरिए सुरक्षित उनके गंतव्य तक पहुंचाया.
रेस्टोरेशन कार्य: बाढ़ से हुए नुकसान को सुधारने का काम 95% तक पूरा हो चुका है. अगले चरण में मई महीने तक यह काम 100% पूरा कर लिया जाएगा.
सुरक्षा चुनौतियां और 'ऑपरेशन सिंदूर'
डीआरएम ने बताया कि साल 2025 रेलवे के लिए बेहद चुनौतीपूर्ण रहा. पहलगाम हमले और 'ऑपरेशन सिंदूर' जैसी सुरक्षा चुनौतियों का हालांकि रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर पर सीधा कोई असर नहीं पड़ा, लेकिन रेलवे ने मुस्तैदी दिखाते हुए वहां फंसे लोगों को सुरक्षित निकाला, जिससे आम जनता में राहत और सुरक्षा की भावना मजबूत हुई.
तैयार है जम्मू-श्रीनगर डायरेक्ट ट्रेन
वर्तमान में कश्मीर को जोड़ने वाली ट्रेन कटरा से होकर जा रही है, लेकिन अब इसे सीधे जम्मू से श्रीनगर तक चलाने की योजना है. इस रूट पर काम लगभग पूरा होने की स्थिति में है. डीआरएम ने स्पष्ट किया, "हमारी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं. जैसे ही अन्य स्थितियां पूरी तरह अनुकूल होंगी और उच्च स्तर से निर्देश प्राप्त होंगे, यह ट्रेन आम जनता के लिए शुरू कर दी जाएगी."
कश्मीर के लिए 'गेम चेंजर' साबित होगी रेलवे
रेलवे नेटवर्क के विस्तार को घाटी के लिए एक बड़ा 'गेम चेंजर' (Game Changer) बताते हुए डीआरएम विवेक कुमार ने कहा, "कश्मीर घाटी में अब हम ट्रेन के जरिए खाने-पीने की जरूरी चीजों से लेकर गाड़ियां भी सीधे पहुंचा रहे हैं. इससे न केवल माल ढुलाई की लागत (Cost) कम हो रही है, बल्कि वहां के लोगों के जीवन में खुशहाली भी आ रही है."
उन्होंने यह भी जोर देकर कहा कि एक बार रेल नेटवर्क पूरी तरह स्थापित हो जाने के बाद, यह आम जनता के साथ-साथ डिफेंस फोर्सेज (रक्षा बलों) के लिए भी हर समय उपलब्ध रहेगा, जो रणनीतिक दृष्टि से भी बेहद अहम है.
