Amarnath Yatra 2025: पाकिस्तान के साथ संघर्ष पर भारत का रुख सामने रखने के लिए विभिन्न विदेशी देशों में सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल गठित करने का स्वागत करते हुए जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा कि सरकार अब अमरनाथ यात्रा पर ध्यान केंद्रित कर रही है और यह सुनिश्चित करना चाहती है कि वार्षिक तीर्थयात्रा शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो.
उमर अब्दुल्ला ने कहा, "पर्यटन पर काफी बुरा असर पड़ा है और अब हम सीमा पर गोलीबारी के पीड़ितों को राहत और पुनर्वास प्रदान करने पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं और केंद्र सरकार से भी मदद मांगेंगे." पत्रकारों से बात करते हुए उमर ने कहा कि पर्यटन पर काफी बुरा असर पड़ा है और इस गर्मी के मौसम में यहां शायद ही कोई पर्यटक आ रहा है.
'तीर्थयात्री यहां से सुरक्षित और स्वस्थ होकर जाएं'
उन्होंने कहा, "अब हम अमरनाथ यात्रा पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं और यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि हर तीर्थयात्री यहां से सुरक्षित और स्वस्थ होकर जाए." उमर अब्दुल्ला ने कहा कि हम घटना-मुक्त वार्षिक तीर्थयात्रा चाहते हैं और बाद में हम पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए क्या कर सकते हैं, इस पर विचार करना शुरू करेंगे. मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि संघर्ष विराम बरकरार है और नियंत्रण रेखा और सीमा से किसी भी तरह के उल्लंघन की कोई रिपोर्ट नहीं है.
उन्होंने कहा, "फिलहाल नुकसान का आकलन किया जा रहा है. रिपोर्ट मिलने के बाद प्रभावित लोगों को मुआवजा दिया जाएगा. जहां भी जरूरत होगी, हम केंद्र से सहायता लेंगे."
'भारत की आवाज को सामने रखने का अच्छा है मौका'
इसके अलावा, मुख्यमंत्री ने विभिन्न देशों का दौरा करने वाले सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा, "अटल बिहारी वाजपेयी जी के कार्यकाल के दौरान संसद हमले, ऑपरेशन पराक्रम के बाद भी इसी तरह का प्रतिनिधिमंडल कई देशों में भेजा गया था. यह एक बार फिर भारत की आवाज को सामने रखने का अच्छा मौका है."
उमर अब्दुल्ला ने पाकिस्तान सरकार के इस दावे पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि सीमा पर संघर्ष विराम केवल 18 मई तक है, यह एक बेतुका दावा है. उमर अब्दुल्ला ने कहा, "कोई बम नहीं फट रहा है, कोई गोलीबारी नहीं हो रही है. जब तक सीमा पर शांति है, हमारा मानना है कि संघर्ष विराम जारी रहेगा."
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