कश्मीर के बांदीपोरा जिले की गुरेज स्थित दूर-दराज तुलाईल घाटी में मंगलवार (16 जून) शाम बादल फटने की घटना के बाद अचानक बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए. इस प्राकृतिक आपदा से इलाके में बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचा और सामान्य जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया. अधिकारियों के अनुसार, बादल चकवाली नाला क्षेत्र में फटा, जिसके चलते पानी का स्तर तेजी से बढ़ गया और पानी, कीचड़ तथा मलबे का तेज बहाव आसपास के गांवों तक पहुंच गया.

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बाढ़ के चलते पुल और कई स्थानीय सड़के हुईं प्रभावित

अचानक आई इस बाढ़ के कारण एक महत्वपूर्ण पुल को नुकसान पहुंचा, जबकि कई स्थानीय सड़कें भी प्रभावित हुईं. इसके चलते तुलाईल घाटी और आसपास के इलाकों में कुछ समय के लिए आवाजाही बाधित हो गई. स्थानीय लोगों ने बताया कि बाढ़ का पानी खेतों और निचले इलाकों में घुस गया, जिससे ग्रामीणों में चिंता का माहौल बन गया और फसलों व अन्य संपत्तियों को भी नुकसान पहुंचने की आशंका बढ़ गई है.

हालांकि राहत की बात यह रही कि घटना के बाद किसी के भी जान जाने की सूचना नहीं मिली. प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्र में हालात का जायजा लेने और राहत एवं बचाव कार्यों के समन्वय के लिए संबंधित टीमों को मौके पर भेज दिया है. अधिकारी लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और नुकसान का विस्तृत आकलन किया जा रहा है.

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प्रशासन ने भूस्खलन और ढलान क्षेत्रों के लोगों से की सतर्कता की अपील

प्रशासन ने नालों और भूस्खलन या बाढ़ की आशंका वाले ढलान क्षेत्रों के पास रहने वाले लोगों से विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है. अधिकारियों का कहना है कि कश्मीर के ऊंचाई वाले इलाकों में मौसम फिलहाल अस्थिर बना हुआ है, इसलिए लोगों को अनावश्यक जोखिम उठाने से बचना चाहिए. साथ ही यह भी बताया गया कि मौसम सामान्य होने के बाद क्षतिग्रस्त पुलों और अन्य बुनियादी ढांचे की मरम्मत का कार्य शुरू किया जाएगा. वहीं बांदीपोरा जिले की गुरेज और तुलाईल घाटियां गर्मियों के दौरान बादल फटने और अचानक बाढ़ जैसी प्राकृतिक घटनाओं के प्रति संवेदनशील मानी जाती हैं.

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