आगामी 3 जुलाई से शुरू होने जा रही पवित्र अमरनाथ यात्रा (Amarnath Yatra) को लेकर जम्मू-कश्मीर सरकार से लेकर केंद्रीय गृह मंत्रालय (MHA) तक सभी अलर्ट मोड में आ गए हैं. अमरनाथ यात्रियों की सुरक्षा को अभेद्य बनाने के लिए गुरुवार सुबह जम्मू रेलवे स्टेशन पर रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और जम्मू-कश्मीर पुलिस की जनरल रेलवे पुलिस (GRP) ने एक व्यापक संयुक्त सुरक्षा ड्रिल (Security Drill) की. इस ड्रिल का मुख्य मकसद रेलवे स्टेशन के सुरक्षा तंत्र को मजबूत करना और किसी भी संभावित खामी को समय रहते दूर करना था.
आधुनिक उपकरणों और डॉग स्क्वॉड का इस्तेमाल
इस मेगा सुरक्षा ड्रिल में आरपीएफ और जीआरपी के जवानों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया. यात्रियों के सामान की चेकिंग के लिए आधुनिक उपकरणों का इस्तेमाल किया गया ताकि तीर्थयात्रियों को बिना किसी असुविधा के जांच प्रक्रिया से गुजारा जा सके. इसके साथ ही, स्टेशन परिसर में किसी भी प्रकार के विस्फोटक और मादक पदार्थों पर नजर रखने के लिए विशेष 'डॉग स्क्वॉड' (Dog Squad) की टीम भी रेलवे स्टेशन पर तैनात की गई.
गृह मंत्रालय की पैनी नजर, 70 हजार अतिरिक्त जवान तैनात
इस बार की अमरनाथ यात्रा को लेकर केंद्रीय गृह मंत्रालय विशेष सतर्कता बरत रहा है. यात्रा को सुरक्षित और निर्बाध बनाने के लिए जम्मू-कश्मीर में करीब 70,000 अतिरिक्त जवानों की तैनाती की गई है. मंत्रालय लगातार सुरक्षा ग्रिड की मॉनिटरिंग कर रहा है. जानकारी के अनुसार, यात्रा की सुरक्षा तैयारियों की समीक्षा और उसे और अधिक मजबूती देने के लिए 20 और 21 जून को जम्मू-कश्मीर का उच्च स्तरीय दौरा भी प्रस्तावित है.
कश्मीर तक ट्रेन सफर को लेकर यात्रियों में उत्साह
रेलवे विभाग का कहना है कि इस बार अमरनाथ यात्रियों में कश्मीर घाटी तक ट्रेन से जाने को लेकर खासा उत्साह देखने को मिल रहा है. बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है, जिसे देखते हुए रेलवे प्रशासन का स्पष्ट रुख है कि यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा के साथ किसी भी स्तर पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा.
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