जम्मू-कश्मीर में 3 जुलाई से शुरू होने वाली पवित्र अमरनाथ यात्रा को लेकर प्रशासन और सरकार ने तैयारियां तेज कर दी हैं. हर साल लाखों श्रद्धालु बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए पहुंचते हैं और इस बार भी रिकॉर्ड संख्या में यात्रियों के आने की उम्मीद जताई जा रही है. प्रशासन का कहना है कि यात्रा को सुरक्षित और सुविधाजनक बनाने के लिए सभी जरूरी इंतजाम किए जा रहे हैं.

Continues below advertisement

जम्मू में अमरनाथ यात्रियों के लिए बनाए जाने वाले बेस स्टेशन की तैयारियों पर खास फोकस किया जा रहा है. सरकार ने अधिकारियों को 10 जून तक सभी व्यवस्थाएं पूरी करने का लक्ष्य दिया है. यह बेस स्टेशन अमरनाथ यात्रा निवास के नाम से जाना जाता है, जहां से श्रद्धालुओं का पहला जत्था रवाना होता है.

जम्मू-कश्मीर: सज्जाद लोन ने पीडीपी और NC पर बोला हमला, बीजेपी को तोहफा देने का लगाया आरोप

Continues below advertisement

प्रशासन का कहना है कि यात्रियों के ठहरने, खाने-पीने, स्वास्थ्य जांच और सुरक्षा जैसी सुविधाओं को बेहतर बनाने पर काम चल रहा है ताकि किसी श्रद्धालु को परेशानी का सामना न करना पड़े.

इस बार रिकॉर्ड तोड़ सकती है यात्रा

तैयारियों का जायजा लेने पहुंचे भाजपा विधायक अरविंद गुप्ता ने दावा किया कि इस बार अमरनाथ यात्रा पुराने सभी रिकॉर्ड तोड़ सकती है. उन्होंने कहा कि जम्मू से श्रीनगर के बीच शुरू हुई वंदे भारत ट्रेन भी श्रद्धालुओं के लिए बड़ा आकर्षण बनेगी.

उन्होंने बताया कि इस ट्रेन से यात्रा करने वाले श्रद्धालु दुनिया के सबसे ऊंचे रेलवे पुल से गुजरेंगे, जो अपने आप में खास अनुभव होगा. इसके अलावा तवी आरती को भी इस बार यात्रा का प्रमुख आकर्षण बताया जा रहा है.

वीआईपी दर्शन पर रोक लगाने की मांग

इस बार यात्रा शुरू होने से पहले ही वीआईपी दर्शन को लेकर राजनीति भी तेज हो गई है. कई सामाजिक और राजनीतिक संगठनों ने मांग की है कि अमरनाथ यात्रा के दौरान वीआईपी दर्शन पर पूरी तरह रोक लगाई जाए.

शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट) ने आरोप लगाया कि पिछले साल आम श्रद्धालुओं से पहले कुछ वीआईपी लोगों को पवित्र शिवलिंग के दर्शन कराए गए थे, जिससे भक्तों की भावनाएं आहत हुई थीं. संगठन का कहना है कि बाबा बर्फानी के दरबार में सभी श्रद्धालुओं को बराबरी का अधिकार मिलना चाहिए.

जम्मू-कश्मीर में रैपिडो सर्विस पर रोक, सरकार ने किया गैर-कानूनी घोषित, जानें क्यों लिया फैसला?

छोटे व्यापारियों को मौका देने की मांग

शिवसेना ने यह भी कहा कि पिछले साल हुए ऑपरेशन सिंदूर के बाद जम्मू-कश्मीर के पर्यटन कारोबार पर असर पड़ा है. ऐसे में इस बार अमरनाथ यात्रा के दौरान दिए जाने वाले ठेकों और अस्थायी दुकानों में छोटे व्यापारियों को भी प्राथमिकता दी जानी चाहिए ताकि उन्हें रोजगार मिल सके और नुकसान की भरपाई हो सके.

प्रशासन का कहना है कि यात्रा को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने के लिए सभी विभाग मिलकर काम कर रहे हैं.