जम्मू-कश्मीर में शुक्रवार (3 जुलाई) यानी आज से अमरनाथ यात्रा की शुरुआत हो रही है. इसके लिए श्रद्धालुओं का पहला जत्था जम्मू से रवाना होकर सुरक्षित पहलगाम बेस कैंप पहुंचा जहां से अमरनाथ जी की पवित्र गुफा की यात्रा के लिए बालटाल के डोमेल बेस कैंप से सुबह 4 बजे रवाना हुआ. इसके लिए दो बेस कैंप बनाए गए हैं. जिसमें पहलगाम का नुनवान बेस कैंप और बालटाल का डोमेल बेस कैंप शामिल है.

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यह जत्था बाबा अमरनाथ की पवित्र गुफा की यात्रा के लिए बेस कैंप से आगे रवाना हो गया है. सुबह 4 बजे जत्था रवाना हुआ है हालांकि बारिश की वजह से इसमें देरी हुई है. यह यात्रा तीन बजे ही शुरू होनी थी. जम्मू से पहलगाम तक पूरे रास्ते श्रद्धालु भजन-कीर्तन करते हुए भगवान भोलेनाथ का स्मरण करते रहे. श्रद्धालुओं ने कहा कि वे भोले बाबा की शादी में शामिल होने आए हैं. बाबा के दर्शन को लेकर उनके मन में अपार उत्साह और खुशी है, जिसे शब्दों में बयां करना मुश्किल है.

कड़ी सुरक्षा के बीच पहलगाम बेस कैंप पहुंचा जत्था

कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच कश्मीर घाटी पहुंचने पर वार्षिक अमरनाथ यात्रा के तीर्थयात्रियों के पहले जत्थे का बृहस्पतिवार (2 जुलाई) को गर्मजोशी से स्वागत किया गया. उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने 4,800 से अधिक तीर्थयात्रियों के जत्थे को हरी झंडी दिखाकर जम्मू के भगवती नगर यात्री निवास से रवाना किया था. अधिकारियों ने बताया कि जब यह काफिला कश्मीर पहुंचा तब  घाटी में जगह-जगह उसका भव्य स्वागत किया गया. 

अधिकारियों के अनुसार, जब श्रद्धालु दक्षिण कश्मीर के कुलगाम जिले के काजीगुंड इलाके में नवयुग सुरंग से होते हुए घाटी में दाखिल हुए, तो उनका जोरदार स्वागत किया गया. केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के महानिरीक्षक और दक्षिण कश्मीर रेंज के पुलिस उपमहानिरीक्षक जाविद इकबाल मट्टू समेत पुलिस तथा नागरिक प्रशासन के अधिकारियों ने तीर्थयात्रियों का मालाओं एवं फूलों के गुलदस्तों से स्वागत किया गया.

जम्मू से रवाना हुआ दूसरा जत्था

कड़ी सुरक्षा के बीच जम्मू से शुक्रवार (3  श्री अमरनाथ जी की यात्रा का दूसरा जत्था श्रीनगर के लिए रवाना हुआ. अमरनाथ यात्रियों के जत्थे की किस तरह से होती है सुरक्षा और कैसे पूरे हाईवे को सील किया जाता है. देशभर के भगवान भोलेनाथ के भक्तों का आज इंतजार खत्म हुआ और आज श्रद्धालु भगवान अमरनाथ के पवित्र दर्शन कर पाएंगे. अमरनाथ यात्रियों की सुरक्षा के लिए क्या कुछ है इंतजाम और किस तरह से अमरनाथ यात्रियों के श्रीनगर जा रहे जत्थों की सुरक्षा की जाती है. जिस समय अमरनाथ यात्रियों का जाता रवाना हो रहा होता है उसे समय सीआरपीएफ के जवान और बख्तर बंद गाड़ियां पूरे हाईवे पर चौकस होती है. इन बक्सर बंद वाहनों में सीआरपीएफ के कोबरा कमांडो तैनात रहते हैं जिनके पास आधुनिक हथियार होते हैं. 

चौकस रहती है सुरक्षा व्यवस्था

वहीं यात्रा की सुरक्षा को देखते हुए जम्मू कश्मीर पुलिस और सीआरपीएफ के जवान डॉग स्क्वाड और मेटल डिटेक्टरों के साथ पूरे हाईवे की जांच करते हैं. वहीं इस जत्थे के साथ सीआरपीएफ के कोबरा कमांडो चलते हैं. अमरनाथ यात्रा के करीब 10 से 15 वाहनों के बाद एक सीआरपीएफ का वहां भी शामिल होता है जिसमें आधुनिक हथियारों से लैस कोबरा कमांडो तैनात रहते हैं. 

जम्मू-कश्मीर बालटाल के नोडल अधिकारी राहुल यादव ने कहा, "पूरे जिला प्रशासन ने बालटाल से यात्रा को सुचारू रूप से चलाने के लिए तैयारियां कर ली हैं. हल्की बूंदा-बांदी हो रही है, लेकिन रास्ता साफ रखा गया है और हमें उम्मीद है कि लगभग 10,000 लोग यात्रा के लिए रवाना होंगे. कई जगहों पर इमरजेंसी शेल्टर बनाए गए हैं.

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