जम्मू कश्मीर में धारा 370 हटाए गए 7 साल पूरे हो गए हैं. इस अवसर पर जम्मू में वाल्मीकि समाज के लोगों ने जश्न मनाया. 5 अगस्त 2019 को जम्मू कश्मीर से धारा 370 हटाए जाने के बाद से वाल्मीकि समाज के लोगों में उत्साह है. बुधवार (5 अगस्त) को जब इस धारा के हटाए जाने की बरसी मनाई गई तो वाल्मीकि समाज के लोगों ने हाथों में तिरंगा लेकर भारत माता के जय घोष लगाएं. 

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वाल्मीकि समाज का दावा, आज का दिन दिवाली से काम नहीं

वाल्मीकि समाज के लोगों का दावा था कि आज का दिन उनके लिए दिवाली से काम नहीं है और वह इसलिए मिठाई बांट रहे हैं ताकि आज के दिन और तारीख को सुनहरे अक्षरों से इतिहास में लिखा जाए. इस समाज के लोगों का दावा है कि उन्हें सिर्फ सपने देखने का हक था जबकि उन सपनों को पूरा करने का अधिकार उनके पास नहीं था. इस समाज के लोगों का दावा है कि वह अब तक जम्मू कश्मीर में सिर्फ सफाई कर्मचारी के काम तक ही सीमित थे, लेकिन धारा 370 हटाने के बाद अब उन्हें जम्मू कश्मीर में आम लोगों की तरह ही बराबर के अवसर मिल रहे हैं. 

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भारत को 1947 में आजादी मिली, लेकिन वाल्मीकि समाज 2019 में

इस समाज के लोगों का दावा है कि भारत को तो 1947 में आजादी मिली थी, लेकिन वाल्मीकि समाज को सही आजादी साल 2019 में तब मिली जब जम्मू कश्मीर से धारा 370 को हटाया गया. इस समाज के लोगों का दावा है कि धारा 370 की सबसे बड़ी विडंबना यह थी कि यहां पर देश का कोई भी नागरिक शाहिद तो हो सकता था, लेकिन यहां पर रह नहीं सकता था. 

वहीं, इस समाज से जुड़े युवाओं का दावा है कि संविधान में सबसे बड़ी बात समानता कि की गई है, लेकिन धारा 370 के रहते इस समाज के लोगों को समान नागरिक नहीं माना गया.  गौरतलब है कि जम्मू की सत्ताधारी पार्टी नेशनल कांफ्रेंस समेत पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी और कई अन्य दल आज के दिन को काले दिवस के रूप में मना रहे हैं.

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