हिमाचल प्रदेश के लोक निर्माण एवं शहरी विकास मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने आज शिमला ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत चनोग का दौरा किया. इस दौरान उन्होंने पोआबो में लगभग 3.50 करोड़ रुपये की विभिन्न विकास परियोजनाओं के उद्घाटन और शिलान्यास किए. उन्होंने स्पष्ट किया कि हर गांव को सड़क सुविधा से जोड़ना और युवाओं के लिए खेल सुविधाओं का विस्तार करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है.
चनोग पंचायत को शिमला ग्रामीण की अंतिम पंचायत बताते हुए कैबिनेट मंत्री ने कहा कि इलाके की पुरानी मांग को पूरा करते हुए तीन मुख्य सड़कों को चौड़ा और पक्का किया जा रहा है:
कफ़लेड संपर्क सड़क: 89 लाख रुपये.
पोआबो से सुजाना सड़क: 86 लाख रुपये.
शाल से चनोग सड़क: 90 लाख रुपये.
शिक्षा, खेल और पर्यटन को सौगात
विक्रमादित्य सिंह ने पोआबो में नवनिर्मित रेस्ट हाउस (39 लाख रुपये) का उद्घाटन किया और घोषणा की कि इसे ईको-टूरिज्म के तहत विकसित किया जाएगा ताकि स्थानीय युवाओं को रोजगार मिल सके. इसके अलावा उन्होंने चनोग स्कूल के अतिरिक्त कमरों और कफ़्लेड, सुजाना व बरोग में खेल मैदानों के निर्माण पर खर्च की गई राशि का विवरण भी साझा किया.
फोरलेन मुआवजे के लिए एकजुट होने का आह्वान
शालाघाट से शिमला तक बनने वाले फोरलेन के नए सर्वे (धमून, ख़लग व जाठिया देवी होकर) का जिक्र करते हुए मंत्री ने प्रभावित ग्रामीणों से 'कल्याण संगठन' बनाने का आग्रह किया. उन्होंने कहा कि संगठित होकर ही ग्रामीण अपने अधिकारों के लिए आवाज उठा सकते हैं और जमीन का अधिकतम मुआवजा हासिल कर सकते हैं. उन्होंने यह भी बताया कि पुराने शालाघाट-शिमला मार्ग के सुधार के लिए केंद्र से 25 करोड़ रुपये स्वीकृत हुए हैं.
PMGSY-IV और पेयजल योजनाएं
कैबिनेट मंत्री ने जानकारी दी कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (चरण-4) के तहत हिमाचल के लिए स्वीकृत 2300 करोड़ रुपये में शिमला ग्रामीण की चार मुख्य सड़कें शामिल की गई हैं. वहीं, क्षेत्र में पेयजल किल्लत दूर करने के लिए 20 से 25 करोड़ रुपये की एक नई डीपीआर तैयार की जा रही है, जिससे हर घर तक नल से जल पहुँचाया जाएगा.
वीरभद्र सिंह के विकास मॉडल का जिक्र
संबोधन के दौरान विक्रमादित्य सिंह ने पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय वीरभद्र सिंह को याद करते हुए कहा कि उनके द्वारा दिखाए गए विकास के मार्ग पर चलकर ही इस इलाके का कायाकल्प किया जा रहा है. उन्होंने चनोग पंचायत के विकास कार्यों के लिए 6 लाख रुपये की अतिरिक्त घोषणा की और किसानों-बागवानों को प्राकृतिक खेती में हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया.