एलायंस एयर और हिमाचल सरकार के बीच नया समझौता (MoU) साइन होने के बाद शिमला के जुब्बड़हट्टी हवाई अड्डे से हवाई सेवा सात महीनों के बाद दोबारा शुरू होने जा रही है. एयरपोर्ट निदेशक जुब्बड़हट्टी सतीश कुमार ने इसकी पुष्टी की है. 10 मई की सुबह से ही दिल्ली से शिमला, शिमला से दिल्ली, शिमला से धर्मशाला व धर्मशाला से दिल्ली के लिए  नियमित हवाई सेवाएं शुरू हो जाएंगी.

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एलायंस एयर दिल्ली-शिमला और शिमला-धर्मशाला के लिए मंगलवार को छोड़कर सप्ताह के छह दिन उड़ानें संचालित करेगी. कंपनी ने एडवांस बुकिंग भी शुरू कर दी है. कई महीनों बाद हवाई सेवाएं फिर से शुरू होने के कारण एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के जुब्बड़हट्टी हवाई अड्डे का प्रबंधन यात्रियों के स्वागत के लिए खास तैयारी कर रहा है. 

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किराया करेगा लोगों की जेब खाली

हालांकि, इस बार यात्रियों को पहले के मुकाबले 65 से 96 फीसदी अधिक किराया देना होगा. दिल्ली से शिमला और शिमला से दिल्ली के बीच बीते वर्ष प्रति सीट रियायती किराया करीब 4,500 रुपये था, जो अब बढ़कर 7,441 रुपये पहुंच कर दिया गया है, यानी किराया करीब 65 फीसदी बढ़ गया है. वहीं, शिमला से धर्मशाला और धर्मशाला से शिमला के बीच किराया करीब 2,100 रुपये से बढ़कर 4,125 रुपये हो गया है, जो लगभग 96 फीसदी अधिक है.

 यहां 7 महीने तक हवाई सेवा बंद क्यों रही?

दरअसल, 25 सितंबर 2025 को ही एलायंस एयर और प्रदेश सरकार के बीच विमान सेवा संचालन को लेकर करार समाप्त हो गया था. इसके बाद कंपनी ने 2 नवंबर 2025 से उड़ान सेवाएं बंद कर दी थीं. हिमाचल सरकार ने दोबारा एलायंस एयर के साथ Mou (समझौता) साइन किया है और सरकार खर्च में भी सहयोग करेगी. यह समझौता 12 महीनों का है. अब दोबारा सेवाएं शुरू होने से पर्यटन कारोबार और यात्रियों को राहत मिलने की उम्मीद है, लेकिन किराए में बढ़ोतरी यात्रियों की जेबों पर भारी पड़ सकती है. 

गौर हो कि हिमाचल में आज भी बड़े हवाई अड्डे न होने के कारण हवाई सेवाओं का विस्तार नहीं सका है. यहां छोटे रनवे और पहाड़ी मौसम के कारण हवाई सेवा का संचालन मुश्किल हो जाता है और परिचालन लागत भी बढ़ जाता है.  यहां यात्रियों की संख्या को बनाए रखना भी एक बड़ी चुनौती है. यही कारण है कि हवाई सेवाओं का यहां संचालन कठिन हो जाता है. 

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