देश भर में चर्चा में रहने वाली हिमाचल प्रदेश की संजौली मस्जिद मामले में बुधवार को हाईकोर्ट में सुनवाई हुई. न्यायाधीश न्यायमूर्ति अजय मोहन गोयल ने सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद मस्जिद के ऊपरी मंजिलों को हटाने के आदेश जारी किए हैं. ऊपर की तीन मंजिलों में से दो को वक्फ बोर्ड ने हटा दिया है, जबकि निचली दो मंजिलों की अभी नहीं हटाया गया है. कुल पांच मंजिला स्ट्रक्चर में से ऊपरी की तीन मंजिलों को गिराने के आदेश वक्फ बोर्ड के एफिडेविट के आधार पर एमसी कोर्ट ने पहले ही जारी कर रखें हैं.

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दोनों पक्षों से हुए सवाल-जबाब

हाईकोर्ट ने मामले की सुनवाई के दौरान मस्जिद  के अवैध और अनाधिकृत होने को लेकर दोनों ही पक्षों से सवाल किए. नगर निगम ने इसे पूरी तरह अवैध बताया. सभी पक्षों को सुनने के बाद हाईकोर्ट की एकल पीठ ने मामले की अगली सुनवाई 9 मार्च 2026 को तय की है. मामले में प्रतिवादी के तौर पर एमसी शिमला को भी नोटिस जारी किया गया है. अदालत में वक्फ बोर्ड ने ऊपर की तीन मंजिलों को गिराने को लेकर साफ़ किया है कि दो मंजिलों को हटाया जा चुका है और बाकी बची एक मंजिल को भी हटा दिया जाएगा. 

हिन्दू पक्ष की मस्जिद तोड़ने की मांग

उधर हिन्दू पक्ष के लोग मस्जिद को तोड़ने की लगातार मांग उठा रहे हैं. शिमला के संजौली में मस्जिद के अवैध निर्माण को लेकर 2024 में विवाद शुरू हुआ था. जब 29 अगस्त 2024 को शिमला जिले के मल्याणा में दो गुटों के बीच झड़प हुई, जिसमें एक समुदाय विशेष के लोगों ने तेजधार हथियारों से एक शख्स को घायल कर दिया था. मामले ने तूल पकड़ा और 1 सितंबर 2024 को संजौली में मस्जिद के बाहर लोगों का गुस्सा भड़क उठा. हिंदू संगठनों ने इसके खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया. यहीं से संजौली मस्जिद मामला शुरू हुआ. उधर हिन्दू पक्ष के लोग मस्जिद को तोड़ने की लगातार मांग उठा रहे हैं.

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