Continues below advertisement

हिमाचल प्रदेश में क्रिसमस और नए साल के जश्न की उम्मीद में सैलानी पहुंचते हैं. देशभर के विभिन्न राज्यों से हिमाचल घूमने का प्लान बना रहे पर्यटकों का स्वागत क्रिसमस से ठीक पहले बर्फबारी से हो सकता है. प्रदेश में 20 और 21 दिसंबर को फिर से एक पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से प्रदेश के ऊंचाई वाले इलाकों में मौसम करवट लेने जा रहा है.

खास तौर पर प्रदेश के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में कुछेक स्थानों पर क्रिसमस से पहले बर्फ गिरने के आसार जताए जा रहे हैं. ऐसे में क्रिसमस और नववर्ष के मौके पर हिमाचल आने वाले पर्यटकों के लिए मौसम ये बड़ी खुशखबरी दे सकता है. हालांकि कोविड 19 के बाद से हिमाचल का पर्यटन क्षेत्र पटरी पर नहीं लौट पाया है. भले ही प्रदेश के पर्यटन स्थलों वीकेंड पर जरूर भीड़ जुटती है लेकिन पर्यटन सीज़न से जो उम्मीद रहती है वह पूरी नहीं हुई है.

Continues below advertisement

HPTDC होटलों में बुकिंग की धीमी रफ्तार

वैसे अभी तक हिमाचल पर्यटन विकास निगम के होटलों में एडवांस बुकिंग की बात करें तो 21 फीसदी होटल बुक हो पाएं हैं. हिमाचल पर्यटन विकास निगम (HPTDC) के प्रबंधक अनिल तनेजा का कहना है कि सिर्फ़ 31 दिसंबर की रात के लिए अभी तक 40 फ़ीसदी के करीब एडवांस बुकिंग हुई है. पिछले साल भी 31 दिसंबर की रात 50 फीसदी ही होटल बुक हो पाएं थे. इससे पहले ये पूरी तरह बुक रहते थे.

होटल एसोसिएशन को हिमपात का इंतजार

होटल एसोसिएशन के पदाधिकारी राजीव सूद ने बताया कि हालांकि हिमाचल में छुटपुट पर्यटकों ने रुख करना शुरू कर दिया है, लेकिन अभी भी पर्यटकों को हिमपात का इंतजार है. अभी तक जिस पर्यटन सीज़न का इंतजार है वह पूरा नहीं हो पाया है. उनका कहना है कि अवैध रूप से भी कई होम स्टे चल रहे हैं सस्ते के चक्कर में पर्यटक वहीं जाना पसंद करते हैं. होटल व्यवसाय की स्थिति अच्छी नहीं है. निजी होटलों में भी कम ही बुकिंग हुई है. हां यदि बर्फबारी होती है तो पर्यटकों की आमद बढ़ने की उम्मीद हैं.

वीकेंड पर भीड़, पर होटल कारोबारियों को हो रहा नुकसान

इस सबके बाबजूद वीकेंड पर जरूर हिमाचल के पर्यटक स्थलों में पर्यटकों की भीड़ देखने को मिल रही है. सड़कों में जाम लग रहा है. पर्यटन कारोबारियों का कहना है कि कुछ पर्यटक होम स्टे में रहना पसंद करते है जबकि आसपास राज्यों के पर्यटक अपनी गाड़ी में आकर वापिस चले जाते हैं. जिससे होटल कारोबारियों को नुकसान हो रहा है.