हिमाचल प्रदेश में बारिश न होने से सूखे जैसे हालात हैं. जनवरी से मार्च के बीच 184.3 मिलीमीटर सामान्य बारिश होती है. लेकिन इस इस बार सामान्य से 55 प्रतिशत कम बारिश और बर्फबारी होने की संभावना है. जिसका सीधा असर जल स्रोतों और रबी फसलों पर पड़ सकता है. इससे पर्यटन कारोबार भी प्रभावित होगा. नवंबर-दिसंबर महीना पहले ही पूरी तरह से सूखा बीता है. नवंबर में सामान्य से 96 प्रतिशत कम और दिसंबर में 99 प्रतिशत कम मेघ बरसे है. अब जनवरी, फरवरी और मार्च में भी सूखे जैसे हालात के आसार है. हालांकि, लाहौल-स्पीति जिले और किन्नौर के कुछ हिस्सों में सामान्य बारिश होने की संभावना जताई गई है.
जानकारी के अनुसार, तापमान को लेकर जारी पूर्वानुमान में कहा गया कि जनवरी 2026 में न्यूनतम और अधिकतम दोनों तापमान सामान्य से अधिक रहने के आसार हैं. परिणामस्वरूप विंटर सीजन में जनवरी में कड़ाके की ठंड अपेक्षाकृत कम रहेगी.
हिमाचल के इन जिलों में यलो अलर्ट जारी
मौसम केंद्र शिमला के वैज्ञानी संदीप शर्मा ने बताया कि ऊना, हमीरपुर, बिलासपुर, कांगड़ा और मंडी जिला में कोल्ड वेव यानी शीतलहर चलने का यलो अलर्ट जारी किया है. इससे इन जिलों में सुबह-शाम और रात को ठंडी हवाएं चलने से कड़ाके की सर्दी पड़ेगी. कल से 6 जनवरी तक ऊना, हमीरपुर, बिलासपुर, कांगड़ा और मंडी जिलों में घने कोहरे की चेतावनी जारी की गई है. इससे रात से लेकर सुबह 10 बजे तक कई क्षेत्रों में विजिबिलिटी 50 मीटर तक गिर सकती है.
ताबो में सबसे कम न्यूनतम तापमान रहा माइनस-6.8 डिग्री सेल्सियस
हिमाचल प्रदेश में अब मौसम साफ होने से तापमान में गिरावट देखने को मिल रही है. हालांकि राज्य के कुछ स्थानों पर हल्की वर्षा/ हिमपात दर्ज किया गया है. जिसके चलते प्रदेश के कई स्थानों पर पारा फिर माइनस में जा पहुंचा है. ताबो में सबसे कम न्यूनतम तापमान माइनस-6.8 डिग्री सेल्सियस रहा. जबकि कुकुमसेरी, कल्पा, कुफरी और नारकंडा में भी न्यूनतम पारा माइनस में जा पहुंचा है. आज भी शिमला में धूप खिली हुई है लेकिन ठंड का प्रकोप जारी है.
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