Himachal Pradesh Assmbly Session 2025: विधानसभा बजट सत्र के दौरान बुधवार (13 मार्च) को विधानसभा में जमकर हंगामा देखने को मिला. प्रश्नकाल में हमीरपुर से बीजेपी विधायक आशीष शर्मा ने देहरा उपचुनाव के दौरान कई महिला मंडलों को बैंकों के माध्यम से पैसा ट्रांसफर करने का सवाल पूछा. उन्होंने कहा कि आचार संहिता के बीच महिला मंडलों को पैसा दिया गया.
मुख्यमंत्री की गैरमौजूदगी में उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने जवाब दिया कि सूचना एकत्रित की जा रही है. उन्होंने कहा 2019 में चुनाव के दौरान भी किसान निधि का पैसा किसानों को डाला गया. इसको लेकर विपक्ष बिफर गया और विपक्ष के नेता ने कहा कि किसान निधि एक योजना है, लेकिन ये पैसा वोट के लिए दिया गया. इस मामले की जांच की जाए.
वहीं बुधवार (12 मार्च) विपक्ष के नेता जय राम ठाकुर ने हिमाचल प्रदेश विधानसभा में विधायकों के स्थानीय क्षेत्र विकास निधि (एलएडीएफ) और विवेकाधीन निधि का मुद्दा उठाया. इस दौरान उन्होंने आरोप लगाया कि जो फंड उन्हें आवंटित हुआ है उसे रिलीज नहीं किया जा रहा. वहीं उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने इसका जवाब देते हुए विधानसभा में कहा कि एलएडीएफ खजाने से जारी किया गया है और एलओपी कुछ घंटे देरी से हैं. इससे पहले एलओपी ने कहा था कि एचआरटीसी के पेंशनभोगियों को पेंशन नहीं मिली है, लेकिन उन्हें पेंशन मिल गई है और उनके अन्य भत्ते भी जारी किए जाएंगे.उन्होंने कहा, सामाजिक सुरक्षा पेंशन के 360 करोड़ रुपये भी जारी किए गए हैं.
इससे पहले जय राम ठाकुर ने कहा था कि उपायुक्त संबंधित विभाग को पत्र भेजते हैं, लेकिन आगे कोई प्रगति नहीं होती है और विधायकों को आशंका है कि पैसा लैप्स हो जाएगा और आग्रह किया कि मंजूरी के तुरंत बाद धन जारी किया जाना चाहिए.
ये भी पढ़ें
हिमाचल के स्कूलों में जादू दिखाने के ऑर्डर वापस लेने के आदेश, उपनिदेशक से मांगा गया स्पष्टीकरण