बीजेपी के राज्यसभा सांसद हर्ष महाजन ने हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा आचार संहिता के दौरान आयोजित की गई मंत्रिमंडल बैठक पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि कांग्रेस सरकार लोकतांत्रिक मर्यादाओं और चुनावी आचार संहिता की खुलेआम धज्जियां उड़ा रही है. उन्होंने कहा कि पूरे प्रदेश में पंचायत, बीडीसी और जिला परिषद चुनावों के चलते कोड ऑफ कंडक्ट लागू है, ऐसे समय में अचानक मंत्रिमंडल की बैठक बुलाना अपने आप में कई संदेह खड़े करता है.
कांग्रेस का सत्ता का दुरुपयोग करना लोकतंत्र के लिए खतरा
हर्ष महाजन ने कहा कि जानकारी के अनुसार मंत्रिमंडल में ऐसे कई फैसले लिए गए हैं जो सीधे तौर पर चुनावी परिणामों को प्रभावित कर सकते हैं. सरकार ने महिलाओं को लुभाने वाली घोषणाएं की हैं, नए पदों का सृजन किया है, यहां तक कि नए एसडीएम कार्यालय और ईएनसी कार्यालयों को भी मंजूरी दे दी गई है. यह सब चुनावी प्रक्रिया के बीच किया जाना कांग्रेस सरकार की मंशा को स्पष्ट करता है.
उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी और उसके नेता हमेशा नैतिकता और संविधान की बातें करते हैं, लेकिन जब खुद पर नियम लागू करने की बात आती है तो उनका दोहरा चरित्र सामने आ जाता है. सत्ता का दुरुपयोग कर चुनावों को प्रभावित करने की यह कोशिश बेहद निंदनीय है और लोकतंत्र के लिए खतरा है.
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कांग्रेस सरकार से जुड़े सूत्र चुनावी माहौल को कर रहे प्रभावित
राज्यसभा सांसद ने कहा कि चुनावी प्रक्रिया पूरी होने तक सरकार को किसी भी प्रकार के ऐसे निर्णय लेने या उन्हें सार्वजनिक करने से बचना चाहिए था, जिनका सीधा प्रभाव मतदाताओं और चुनावी माहौल पर पड़े. लेकिन कांग्रेस सरकार लगातार सरकारी मशीनरी और घोषणाओं के माध्यम से राजनीतिक लाभ लेने का प्रयास कर रही है.
हर्ष महाजन ने आरोप लगाया कि अब सरकार से जुड़े सूत्रों के माध्यम से मीडिया में योजनाबद्ध तरीके से खबरें प्लांट की जा रही हैं ताकि चुनावी माहौल को प्रभावित किया जा सके. उन्होंने कहा कि यह पूरी प्रक्रिया निष्पक्ष चुनावों की भावना के खिलाफ है और बीजेपी इस मामले को गंभीरता से चुनाव आयोग के समक्ष उठाएगी. उन्होंने मांग की कि चुनाव आयोग तत्काल प्रभाव से इस कैबिनेट के निर्णयों की समीक्षा करे और चुनाव प्रक्रिया पूरी होने तक ऐसे फैसलों के क्रियान्वयन और प्रकाशन पर रोक लगाए. बीजेपी लोकतंत्र और निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया की रक्षा के लिए हर संवैधानिक कदम उठाएगी.
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