Himachal Pradesh Budget 2024: हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने शनिवार (17 फरवरी) को 58 हजार 444 करोड़ रुपये का बजट पेश किया. मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने इस बजट को आत्मनिर्भर हिमाचल बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया है. मुख्यमंत्री ने कहा कि आधुनिकतम तकनीकी की सहायता से भविष्य में आने वाली चुनौतियों से निपटने की तैयारी इस बजट में नजर आ रही है.
सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू ने बजट की तारीफ करते हुए कहा कि शहरी क्षेत्र में अन्य विकल्पों के माध्यम से स्वरोजगार के लिए प्रोत्साहन का वर्णन मिलता है. उन्होंने कहा कि पर्यटन मूलभूत संरचना औद्योगिक क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और अन्य आधुनिकतम टूल्स की सहायता से निजी निवेश से विकास को और अधिक गति देने का काम पूरा होगा.
बजट में इन बिंदुओं पर ध्यान
1. आत्मनिर्भर हिमाचल
2. समृद्ध किसान हिमाचल
3. हरित और स्वच्छ हिमाचल
4. बिजली राज्य हिमाचल
5. पर्यटन राज्य हिमाचल
6. कुशल और दक्ष हिमाचल
7. स्वस्थ एवम् शिक्षित हिमाचल
8. निवेशक मित्र हिमाचल
9. नशा मुक्त हिमाचल
10. अवैध खनन मुक्त हिमाचल
11. समृद्ध और सम्पन्न हिमाचल
बजट भाषण 2024-25 में घोषित नई योजनाएं
1. राजीव गांधी प्राकृतिक खेती स्टार्ट-अप योजना
2. भेड़-बकरी पालक प्रोत्साहन योजना
3. मुख्यमंत्री सुख आरोग्य योजना
4. मुख्यमंत्री सुख-शिक्षा योजना
5. महर्षि वाल्मीकि कामगार आवास योजना
6. अपना विद्यालय-मेरा विद्यालय-मेरा सम्मान
7. मुख्यमंत्री हरित विकास छात्रवृति योजना
बजट भाषण 2024-25 में घोषित नई नीतियां
1. औद्योगिक प्रोत्साहन व निवेश नीति, 2024
2. स्टार्ट-अप नीति, 2024
3. हिमाचल प्रदेश माइंस एंड मिनरल्स पॉलिसी, 2024
गाय भैंस के दूध पर एमएसपीमुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने अपने बजट में पशुपालन और दूध उत्पादन को प्राकृतिक खेती से जोड़कर गाय के दूध के न्यूनतम समर्थन मूल्य में मौजूदा 38 रुपये प्रति लीटर से बढ़कर 45 रुपये प्रति लीटर करने की घोषणा की. इसके अलावा भैंस के दूध पर भी मिनिमम सपोर्ट प्राइस (MSP) 47 रुपये से बढ़कर 55 रुपये प्रति लीटर करने का एलान किया है.
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने विधायक ऐच्छिक निधि को 13 लाख रुपये से बढ़कर 14 लाख रुपये प्रति विधानसभा क्षेत्र करने की घोषणा की. इसके अलावा विधायक क्षेत्र विकास निधि के तहत प्रति विधानसभा क्षेत्र 2 करोड़ 20 लाख रुपये मिलेंगे. साल 2024-25 में एक हजार करोड़ रुपये उन कार्यों पर खर्च किए जाएंगे, जो पूरा होने के करीब हैं.