हरियाणा के यमुनानगर जिले में खैर तस्करों के हौसले इतने बुलंद हो गए हैं कि उन्होंने ड्यूटी पर तैनात वन विभाग के कर्मचारियों की जान लेने तक का प्रयास किया. छछरौली रेंज में अवैध खैर लकड़ी से लदी एक पिकअप को रोकने की कोशिश कर रही टीम पर तस्करों ने गाड़ी चढ़ाने का प्रयास किया. वन विभाग के कर्मचारियों ने सड़क से नीचे छलांग लगाकर बमुश्किल अपनी जान बचाई.

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जानकारी के अनुसार, छछरौली रेंज के अधिकारी बलजीत सिंह को गुप्त सूचना मिली थी कि फतेहगढ़ के जंगलों में खैर के कीमती पेड़ों की ताजा कटाई की गई है. सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए अधिकारी ने एक विशेष टीम का गठन किया. टीम ने तस्करों को पकड़ने के लिए कोट बसावा सिंह के पास नाका लगाया.

पिकअप से हमला और आरोपी की गिरफ्तारी

जैसे ही खैर से लदी पिकअप मौके पर पहुंची, वन विभाग की टीम ने उसे रुकने का इशारा किया. तस्करों ने रुकने के बजाय गाड़ी की रफ्तार बढ़ा दी और सीधे कर्मचारियों पर चढ़ाने का प्रयास किया. कर्मचारियों ने मुस्तैदी दिखाते हुए किनारे कूदकर जान बचाई. पिकअप अनियंत्रित होकर रुकी तो उसमें सवार तस्कर भागने लगे. वन विभाग की टीम ने पीछा कर ड्राइवर विकास को मौके पर ही दबोच लिया, जबकि उसके तीन साथी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार होने में कामयाब रहे.

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गाड़ी से बरामद हुए तेजधार हथियार

रेंज अधिकारी बलजीत सिंह ने बताया कि पकड़ी गई पिकअप की तलाशी लेने पर लकड़ी के साथ-साथ एक तेजधार गंडासी भी बरामद हुई है. उन्होंने बताया कि तस्करों ने यह हथियार वारदात को अंजाम देने या पकड़े जाने पर हमला करने के लिए रखे थे. अधिकारी ने कहा, "यह हमला सुनियोजित था. हमने चार लोगों के खिलाफ छछरौली थाने में हत्या के प्रयास और तस्करी की धाराओं में शिकायत दी है."

आगामी कानूनी कार्रवाई

वन विभाग ने लकड़ी से लदी पिकअप को अपने कब्जे में ले लिया है. आरोपी ड्राइवर का मेडिकल कराकर उसे अदालत में पेश किया जाएगा. पुलिस फरार तीन अन्य आरोपियों की तलाश में छापेमारी कर रही है. इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि खैर तस्करों के भीतर कानून का भय खत्म होता जा रहा है.