पानीपत में एक ट्रांसफॉर्मर में जोरदार ब्लॉस्ट हो गया. जिसमें एक ही परिवार के 11 लोग झुलस गए. वहीं धमाके से हैचरी की दीवार मलबे में तबदील हो गई. दीवार के पास सो रहे 4 लोग इसके मलबे के नीचे दब गए. घायलों को मतलौड़ा के सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया है. जहां से डॉक्टरों ने 7 लोगों को सीरियस हालत में पानीपत रेफर कर दिया. इनमें से एक महिला और बच्चे की हालत सीरियस बनी हुई है.

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परिवार का कहना है कि ट्रांसफार्मर में टेक्निकल डिफॉल्ट के कारण ब्लास्ट हुआ. धमाके से निकली आग और कंपन से हैचरी की दीवार ढह गई. मलबे में परिवार का घरेलू सामान भी दबकर बरबाद हो गया. घटना पर पुलिस अधिकारियों का कहना है कि घायलों के बयान के आधार पर कार्रवाई की जाएगी. अभी हॉस्पिटल में उनका इलाज चल रहा है.

ट्रांसफार्मर ब्लास्ट में झुलस गए 11 लोग

जानकारी के अनुसार, पानीपत के शेरा गांव में शुक्रवार (30 जनवरी) सुबह चौधरी लेयर पोल्ट्री फार्म हाउस के पास लगे एक ट्रांसफार्मर में अचानक जोरदार ब्लास्ट हो गया. इस धमाके में 11 लोग झुलस गए. घायलों को मतलौड़ा के सिविल अस्ताल में भर्ती कराया गया, जहां से 7 लोगों को गंभीर हालत में पानीपत सिविल अस्पताल में रेफर कर दिया गया. पॉल्ट्री फॉर्म में काम करने वाला परिवार हैचरी के पास ही सो रहा था. सुबह अचानक ट्रांसफार्मर ब्लास्ट से दीवार गिर गई. इसमें परिवार के चार लोग घायल हो गए. मनसा राम (35), रंजना (25), नितेश (11) और सोनम (9) मलबे में दबकर घायल हो गई.

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सभी घायलों को अस्पताल में कराया भर्ती

धमाका इतना तेज था कि इसकी गूंज काफी दूर तक सुनाई दी. आवाज सुनते ही हैचरी के केयरटेकर और आसपास के ग्रामीण तुरंत मौके पर पहुंचे. ग्रामीणों का कहना है कि मलबे के अंदर से चीखने-चिल्लाने की आवाजें आ रही थीं. उन्हें काफी मशक्कत के बाद मलबे बाहर निकालकर अस्पताल में भर्ती कराया. घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची. पुलिस का कहना है कि मनसा राम और उनकी साली रंजना की हालत अभी गंभीर है.

उनके बयान के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी. उधर, परिजनों का कहना है कि ब्लास्ट में उनका सारा घरेलू सामान बरबाद हो गया. इसके लिए प्रशासन से मुआवजे की मांग की है.

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