पानीपत में नेशनल हाईवे-44 पर नहर किनारे बने बाईपास की हालत इन दिनों वाहन चालकों के लिए बड़ी परेशानी का कारण बनी हुई है. हिसार, रोहतक, जींद और राजस्थान की ओर जाने वाले सैकड़ों छोटे-बड़े वाहन रोजाना इस रास्ते से गुजरते हैं, लेकिन टूटी सड़क और गहरे गड्ढों ने सफर को जोखिम भरा बना दिया है. सड़क पर फैली बजरी और उखड़ी सतह के कारण हर समय हादसे का डर बना रहता है.

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स्थानीय लोगों का कहना है कि सबसे ज्यादा परेशानी दोपहिया वाहन चालकों को झेलनी पड़ रही है. गहरे गड्ढों में बाइक फिसलने का खतरा लगातार बना रहता है. रात के समय स्थिति और खतरनाक हो जाती है, क्योंकि सड़क किनारे नहर होने के कारण जरा सी चूक बड़ा हादसा बन सकती है. लोगों की मानें तो कई वाहन पहले भी नहर में गिर चुके हैं.

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बाइक चालकों को ज्यादा खतरा

एक वाहन चालक ने बताया कि सड़क पर इतने बड़े-बड़े गड्ढे हैं कि रोज दुर्घटनाएं हो रही हैं. कुछ दिन पहले एक वाहन नहर में गिर गया था. लंबे समय से सड़क टूटी पड़ी है, लेकिन स्थायी समाधान नहीं किया गया.सड़क की हालत लगातार खराब होती जा रही है, जबकि जिम्मेदार विभाग केवल आश्वासन देने तक सीमित हैं.

चालकों ने जताई नाराजगी

दूसरे चालक ने नाराजगी जताते हुए कहा कि 12-13 साल से सड़क की यही हालत है. हमसे टोल टैक्स तो पूरा लिया जाता है, लेकिन सड़क सुधार की तरफ कोई ध्यान नहीं देता. खराब सड़क के कारण वाहनों के पार्ट टूट रहे हैं और मरम्मत पर अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ रहा है. खासकर कमर्शियल वाहन चालकों को रोजाना आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है.

बच्चों के साथ सफर करना भी मुश्किल

वहीं एक अन्य बाइक चालक ने कहा कि परिवार और बच्चों के साथ इस सड़क से गुजरना बेहद असुरक्षित हो गया है. एक युवक ने बताया कि गड्ढों में अचानक बाइक फिसल जाती है. जो व्यक्ति पहली बार यहां से गुजरता है, उसके लिए हादसा होना तय है.

स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि सड़क निर्माण के दौरान गुणवत्ता का ध्यान नहीं रखा गया, जिसके कारण सड़क थोड़े समय में ही टूट गई. भारी वाहनों के चालकों का कहना है कि सड़क की खराब हालत के कारण अक्सर जाम की स्थिति बन जाती है.

कई ट्रक और बड़े वाहन गड्ढों में फंस चुके हैं. चालकों के मुताबिक पुल निर्माण कार्य शुरू होने के बाद सड़क और ज्यादा खराब हो गई. बारिश का पानी भरने और भारी वाहनों के दबाव से सड़क लगातार टूटती चली गई.

प्रशासन ने माना सड़क की समस्या

पानीपत के उपायुक्त डॉ. वीरेंद्र दहिया ने कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार खराब सड़कों और ब्लैक स्पॉट की पहचान की जा रही है. संबंधित सड़क की समस्या प्रशासन के संज्ञान में है. सड़क मरम्मत को लेकर NHAI को निर्देश दिए जा चुके हैं और जल्द काम शुरू कराया जाएगा.

बाईपास की सड़क NHAI के अधीन है. प्रोजेक्ट डायरेक्टर से बातचीत हो चुकी है. सामग्री उपलब्ध होते ही एक-दो दिन में मरम्मत कार्य शुरू करवा दिया जाएगा. बारिश के कारण कई बार सड़कें टूट जाती हैं, लेकिन विभाग को तुरंत सुधार कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं.

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