केंद्रीय ऊर्जा मंत्री एवं पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने गुरुवार को ओल्ड इंडस्ट्रियल एरिया में रेलवे लाइनों के ऊपर बनने वाले गाने पुल (ओवरब्रिज) का भूमि पूजन कर पानीपत की जनता को बड़ी सौगात दी. इस अवसर पर उन्होंने कहा कि यह ओवरब्रिज पानीपत से जींद जाने वाली रेलवे लाइन और अंबाला की मुख्य रेलवे लाइन के ऊपर से होकर गुजरेगा, जिससे शहर की बड़ी आबादी को सीधा लाभ मिलेगा.

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मनोहर लाल ने बताया कि इस पुल के निर्माण से ग्रामीण क्षेत्र खासकर असंध और इसराना क्षेत्र के गांवों को शहर से सीधी कनेक्टिविटी मिलेगी. पुराना असंध रोड और नया मार्ग दोनों ही आवागमन को आसान बनाएंगे. उन्होंने घोषणा की कि इस ओवरब्रिज का नाम भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की स्मृति में ‘अटल पुल’ रखा गया है. 

साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि हाईवे के ऊपर पुल उतरने वाली जगह पर अटल बिहारी वाजपेयी की भव्य प्रतिमा भी स्थापित की जाएगी. उन्होंने कहा कि यह परियोजना न केवल ट्रैफिक जाम से राहत दिलाएगी बल्कि औद्योगिक और व्यावसायिक गतिविधियों को भी मजबूती देगी.

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भारत अंतरिक्ष विज्ञान में बना वैश्विक नेता

अपने संबोधन में केंद्रीय मंत्री ने देश के वैज्ञानिकों की सराहना करते हुए कहा कि भारत अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में लगातार नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है. गगनयान मिशन और चंद्रयान की दक्षिणी ध्रुव पर सफल उपलब्धि का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि भारत ऐसा करने वाला दुनिया का पहला देश बन चुका है. इन मिशनों से न केवल भारत को बल्कि पूरी दुनिया को वैज्ञानिक लाभ मिल रहा है. आज इस क्षेत्र में भारत कुछ गिने-चुने देशों के साथ अग्रणी भूमिका निभा रहा है.

अरावली को लेकर कांग्रेस पर निशाना

अरावली क्षेत्र के खनन मुद्दे पर कांग्रेस पर तीखा हमला करते हुए मनोहर लाल ने कहा कि कांग्रेस जानबूझकर भ्रम फैला रही है. सुप्रीम कोर्ट ने पहले से बने नियमों को ही दोहराया है, इसमें कोई नया बदलाव नहीं किया गया है. बड़ी पहाड़ियों पर खनन पहले भी प्रतिबंधित था और आगे भी रहेगा. 

हरियाणा में गुरुग्राम और फरीदाबाद की पहाड़ियां पहले से ही फॉरेस्ट एरिया में आती हैं, जहां खनन पूरी तरह बंद है. उन्होंने कहा कि नियमों के अभाव में अवैध खनन बढ़ता है, इसलिए संतुलन बनाना जरूरी है. कांग्रेस राजनीतिक लाभ के लिए जनता को गुमराह कर रही है, लेकिन जवाब मिलने पर पीछे हट जाती है.

स्मार्ट मीटर से आएगी बिजली में पारदर्शिता

स्मार्ट मीटर पर उठ रहे सवालों का जवाब देते हुए केंद्रीय ऊर्जा मंत्री ने कहा कि स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं को बिजली खपत पर नियंत्रण और अनुशासन सिखाता है. प्रीपेड स्मार्ट मीटर व्यवस्था से उपभोक्ता को तुरंत पता चलता है कि उसने कितनी बिजली खर्च की है और कितना बिल बनेगा.

उन्होंने कहा कि स्मार्ट मीटर से अनावश्यक बिजली खर्च कम होगा, जिससे भविष्य में बिजली दरों में भी कमी संभव है. यदि किसी उपभोक्ता को संदेह हो तो वह पैरेलल मीटर लगवाकर तुलना कर सकता है. इससे लोगों का भ्रम स्वतः दूर होगा.