IPS वाई पूरन सुसाइड मामले में FIR दर्ज की गई है. आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया गया है. उनकी IAS पत्नी अमनीत पी कुमार ने शिकायत दर्ज कराई थी. चंडीगढ़ पुलिस ने बताया कि आईपीएस के 'अंतिम नोट' में जिन लोगों का नाम था उनके खिलाफ मामला दर्ज किया गया है. एससी-एसटी एट्रोसिटी एक्ट के तहत भी केस दर्ज हुआ है.
वाई पूरन कुमार 2001 बैच के आईपीएस अधिकारी थे. वह मंगलवार (07 अक्टूबर) को चंडीगढ़ के सेक्टर-11 स्थित अपने आवास में मृत पाए गए थे. उनके शरीर पर गोली लगने के निशान थे. कथित तौर पर उन्होंने सर्विस रिवॉल्वर से खुदकुशी कर ली थी. पुलिस को 8 पेज का सुसाइड नोट भी मिला था, जिसमें उन्होंने कई सीनियर अफसरों के नाम लिखे थे और उन पर मानसिक उत्पीड़न का आरोप लगाया था.
BJP की मनुवादी सोच ने समाज को विष से भरा-राहुल गांधी
उधर कांग्रेस ने आईपीएस अधिकारी वाई पूरन कुमार की खुदकुशी मामले में निष्पक्ष जांच कराए जाने की मांग की है. कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने आरोप लगाते हुए कहा कि बीजेपी-आरएसएस की नफरत और मनुवादी सोच ने समाज को विष से भर दिया है. उन्होंने कहा, ''हरियाणा के IPS अधिकारी वाई पूरन कुमार जी की आत्महत्या उस गहराते सामाजिक ज़हर का प्रतीक है, जो जाति के नाम पर इंसानियत को कुचल रहा है.''
भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने निष्पक्ष जांच की मांग की
हरियाणा में नेता प्रतिपक्ष और पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने आईपीएस वाई पूरन कुमार की खुदकुशी को लेकर दुख जताया. उन्होंने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा, ''हरियाणा के वरिष्ठ IPS वाई. पूरन कुमार की आत्महत्या का मामला बेहद दुःखद है. इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए, ताकि किसी दोषी को छोड़ा न जाए और किसी निर्दोष पर आंच न आए. इस मामले में न्याय सुनिश्चित करना प्रदेश सरकार की जिम्मेदारी है. ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति और परिवारजनों को इस कठिन समय में संबल प्रदान करें.''
जातिगत भेदभाव की एक भयावह झलक- कुमारी शैलजा
कांग्रेस सांसद कुमारी शैलजा ने कहा कि हरियाणा में एक दलित आईपीएस अधिकारी का खुदकुशी करना बेहद ही दुखद, चिंताजनक और गहरी पीड़ा का विषय है. उन्होंने सोशल मीडिया मंच एक्स पर पोस्ट किया, ''यह केवल व्यक्तिगत त्रासदी नहीं, बल्कि उस संस्थागत असंवेदनशीलता और जातिगत भेदभाव की एक भयावह झलक है जो शासन में लगातार गहराती जा रही है.''
