एक तरफ देश में बेटियों को पढ़ाने और आगे बढ़ाने के बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, वहीं दूसरी ओर गुरुग्राम से एक ऐसी हृदयविदारक घटना सामने आई है, जिसने समाज और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. यहां के खोह गांव (Khoh Village) में 12वीं कक्षा में पढ़ने वाली 17 वर्षीय एक होनहार छात्रा ने मनचले की प्रताड़ना से तंग आकर खौफनाक कदम उठा लिया और फांसी के फंदे पर झूल गई.
यह दर्दनाक घटना उस वक्त हुई जब छात्रा घर में बिल्कुल अकेली थी. दोपहर के सन्नाटे में जब परिजन घर लौटे, तो अपनी लाडली का शव फंदे से झूलता देख उनके पैरों तले जमीन खिसक गई. मृतका के पिता संतोष कुमार और मामा राजू कुमार का रो-रोकर बुरा हाल है. सूचना पर पहुंची पुलिस ने जब कमरे की तलाशी ली, तो छात्रा के स्कूल बैग से किताबों के बीच रखा 2 पन्नों का 'सुसाइड नोट' (Suicide Note) बरामद हुआ.
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'सोशल मीडिया पर करता था टॉर्चर...'
यह सुसाइड नोट केवल एक कागज का टुकड़ा नहीं है, बल्कि उस घुटन और डर की खौफनाक दास्तां है, जिसे यह मासूम पिछले काफी समय से झेल रही थी. परिजनों ने एक युवक पर गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि जब भी उनकी बेटी ट्यूशन पढ़ने जाती थी, तो वह मनचला उसका रास्ता रोकता था और उसे परेशान करता था.
प्रताड़ना सिर्फ सड़क तक सीमित नहीं थी; आरोपी सोशल मीडिया पर भी चैटिंग (Social Media Chatting) के जरिए छात्रा को मानसिक रूप से टॉर्चर कर रहा था. पुलिस के हाथ कुछ ऐसी वॉट्सऐप और सोशल मीडिया चैट्स लगी हैं, जो साफ बताती हैं कि छात्रा उस युवक से कितनी ज्यादा डरी हुई थी.
पुलिस ने शुरू की आरोपी की तलाश
परिजनों का कहना है कि उनकी बेटी सिर्फ पढ़ना चाहती थी, लेकिन उस मनचले ने उसका जीना मुहाल कर दिया था. इस घटना के बाद से खोह गांव में भारी रोष और मातम का माहौल है. पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है. सुसाइड नोट और मोबाइल चैट्स को अहम सबूत के तौर पर जब्त कर लिया गया है. पुलिस ने परिजनों की शिकायत के आधार पर आरोपी युवक के खिलाफ मामला दर्ज कर उसकी सरगर्मी से तलाश शुरू कर दी है.
