दिल्ली से सटे गुरुग्राम में बड़ा बिजली संकट आ गया है. सेक्टर-72 के 220 KVA बिजली घर का मुख्य ट्रांसफार्मर फुंकने से 7 बिजली घर ठप हो गए हैं. रैपिड मेट्रो की सेवा पिछले एक घंटे से सेवा बाधित है. रैपिड मेट्रो में हजारों लोग सफर करते हैं. सेक्टर-15, 38, 44, 46, 52, 56 और मारुति 66KVA बिजली घर प्रभावित है. सेक्टर-38 से 57 तक, सेक्टर-15 पार्ट-1/2 और सेक्टर-18 में भी बिजली नहीं है. ट्रांसफार्मर ठीक होने में 8 से 10 घंटे लगेंगे.
ट्रांसफार्मर फुंकने की घटना ऐसे समय में हुई है जब देशभर में भीषण गर्मी पड़ रही है. भीषण गर्मी की वजह से कई बार ऐसी घटनाएं सामने आती हैं. बिजली की डिमांड बढ़ने से ट्रांसफार्मर पर लोड बढ़ता है. देश में बढ़ती हुई गर्मी के कारण बिजली की मांग भी बढ़ी. पिछले चार दिनों में बिजली की मांग ने पिछले सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए.
दिन के समय बिजली की अधिकतम डिमांड
18 मई - 257.37 गीगावॉट
19 मई - 260.45 गीगावॉट
20 मई - 265.44 गीगावॉट
21 मई 270.82 गीगावॉट
अधिकतम मांग आमतौर पर दोपहर 2 से 4 बजे के बीच होती है. दिल्ली में भी भीषण गर्मी पड़ने के कारण बिजली की अधिकतम मांग इस मौसम के उच्चतम स्तर 8231 मेगावाट तक पहुंच गई. इस साल भीषण गर्मी में बुधवार को पहली बार मांग 8,000 के आंकड़े को पार कर गई.
मेट्रो ने क्या कहा?
DMRC की ओर से दिए बयान में कहा गया है कि गुरुग्राम के सेक्टर-72 स्थित HVPNL के सबस्टेशन से बिजली सप्लाई बाधित होने के कारण रैपिड मेट्रो प्रभावित हुई. HVPNL सबस्टेशन गुरुग्राम शहर और येलो लाइन के गुरुग्राम सेक्शन को बिजली सप्लाई करता है. रैपिड मेट्रो में शाम 7:50 बजे से 8:33 बजे तक ट्रेन सेवाएं उपलब्ध नहीं थीं. हालांकि, येलो लाइन पर सेवाएं स्टैंडबाय सबस्टेशन के माध्यम से नियंत्रित रहीं और इस दौरान सामान्य रूप से चलती रहीं
