दिल्ली से सटे साइबर सिटी गुरुग्राम पुलिस की क्राइम यूनिट सेक्टर 43 ने एक ऐसे शातिर चोर को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है, जो नेपाल से वारदात को अंजाम देने के लिए बस से भारत आता था और वारदात को अंजाम दे टैक्सी से वापस नेपाल पहुच जाता था.

वारदात को अंजाम देने के लिए आरोपी ने अपना फेसबुक प्रोफाइल बनाया हुआ था. जिस पर वह नेपाली मूल के ऐसे युवक युवतियों से दोस्ती करता था जो घरेलू नोकर के रूप में कार्यरत थे. उन्हें झांसे में लेकर वारदात को अंजाम दे फरार हो जाता था. 

बड़ी वारदात को देने वाला था अंजाम

गुरुग्राम पुलिस के प्रवक्ता संदीप कुमार ने बताया कि क्राइम यूनिट को जानकारी मिली कि नेपाल मूल का एक युवक जो विभिन्न संगीन वारदातों को अंजाम दे चुका है और किसी बड़ी अपराधिक वारदात को अंजाम देने की फिराक में वजीराबाद से ताऊ देवीलाल पार्क के पिछले वाले रास्ते पर घूम रहा है.

इस सूचना पर पुलिस टीम आरोपी को काबू करने के लिए बताए गए स्थान वजीराबाद से ताऊ देवीलाल पार्क के पिछले वाले रास्ते पर पहुंची. उसी दौरान पुलिस टीम को ताऊ देवीलाल पार्क सैक्टर-53 के पास युवक दिखाई दिया. पुलिस टीम ने उसे रुकने के लिए कहा, परन्तु युवक ने पुलिस टीम पर सीधी गोली चला दी और भागने लगा. 

पुलिस मुठभेड़ में घायल

आरोपी को भागता देख पुलिस ने जबावी कार्रवाई करते हुए एक फायर आरोपी के पैरों की तरफ किया. गोली आरोपी के दाहिने पैर में लगी और वह वही पर घायल होकर गिर गया. जिसे पुलिस टीम ने काबू कर लिया. आरोपी की पहचान जगत बहादुर (उम्र-35 वर्ष) के रूप में हुई है. जिसे घयलावस्था में गुरुग्राम के सरकारी हॉस्पिटल में दाखिल करवाया गया है. 

आरोपी से पिस्तौल-जिंदा कारतूस बरामद

पुलिस टीम ने आरोपी के कब्जे से एक पिस्तौल, एक जिन्दा कारतूस, एक बैग जिसमें एक लोहा काटने का कट्टर, एक प्लास, एक पेचकस और घटनास्थल से 6 खाली कारतूस बरामद किए है. पुलिस पूछताछ में पता चला कि जगत बहादुर नेपाल का रहने वाला है. वह अपना नाम बदलकर फेसबुक के माध्यम से नेपाल के ऐसे लोगों से दोस्ती करता है, जो भारत में किसी के घर में रहकर नौकरी कर रहा हो. 

उससे दोस्ती करने के बाद वह बदले हुए फर्जी नाम से आईडी बनाकर भारत आता था. साथ फेसबुक पर बनाए गए दोस्त के साथ मिलकर मकान मालिक व उसके घरवालों को किसी पेय में नशीला पदार्थ मिलाकर उन्हें बेहोश कर देता था. उसके बाद घर से चोरी करके वापस नेपाल चला जाता था. 

मुंबई में की 20 लाख की चोरी

वह नेपाल से भारत बस से आता था और चोरी करने के बाद चोरी के सामान को टैक्सी में रखकर वापस नेपाल ले जाता था. अगली बार फिर से नया फर्जी नाम और उसी नाम की फर्जी आईडी लेकर भारत आता था और वारदात करके वापस नेपाल चला जाता था. आरोपी ने पिछले साल अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर मुंबई में भी करीब 20 लाख की चोरी करने की वारदात को अंजाम दिया था. 

आरोपी जगत बहादुर को कैलाली नेपाल पुलिस द्वारा उसकी महिला साथी बबीता के साथ भारत से चोरी करके ले जाए गए सामान को बेचने के आरोप काबू कर जेल भेजा गया था. आरोपी 9 अगस्त 2025 को नेपाल जेल से बहार आया था. 

जेल से बाहर आते ही चोरी करने निकला

जेल से बाहर आते ही एक दिन बाद 11 अगस्त 2025 को भारत में अगली वारदात को अंजाम देने के लिए चल दिया और अभी गुरुग्राम में रहकर चोरी करने की वारदात को अंजाम देने की फिराक में था, लेकिन वारदात को अंजाम देने से पहले ही पुलिस ने उसे काबू कर लिया.