रफ्तार का कहर और ट्रैफिक नियमों की अनदेखी ने शुक्रवार दोपहर एक हंसते-खेलते परिवार की खुशियां उजाड़ दीं. गुरुग्राम-द्वारका एक्सप्रेसवे (Gurugram-Dwarka Expressway) पर एक दिल दहला देने वाले सड़क हादसे में कैब चालक की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि कैब में सवार एक महिला यात्री गंभीर रूप से घायल है.
हादसा इतना भयावह था कि आगे चल रहे लोडिंग ई-रिक्शा में लदा लोहे का मोटा सरिया कैब का शीशा तोड़ते हुए सीधे चालक के सीने के आर-पार हो गया.
कैसे हुआ यह दर्दनाक हादसा?
चश्मदीदों के मुताबिक, शुक्रवार (17 जुलाई) दोपहर के समय एक्सप्रेसवे पर गाड़ियों की रफ्तार काफी तेज थी. गुरुग्राम से दिल्ली की ओर जा रही एक तेज रफ्तार कैब ओवरटेक लेन (फास्ट लेन) में चल रहे एक लोडिंग ई-रिक्शा से पीछे से टकरा गई. टक्कर लगते ही ई-रिक्शा में रखे भारी-भरकम सरिए कैब के अगले हिस्से (विंडशील्ड) को चीरते हुए अंदर घुस गए. एक मोटा सरिया सीधे कैब चालक के सीने में जा धंसा, जिससे उसकी मौके पर ही तड़प-तड़प कर मौत हो गई.
हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई. राहगीरों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी और कैब में फंसी घायल महिला यात्री को बाहर निकालकर अस्पताल भिजवाया.
कटर से काटकर निकाला गया शव
हादसे की सूचना मिलते ही गुरुग्राम ट्रैफिक पुलिस और राहत-बचाव दल मौके पर पहुंच गया. पुलिस टीम को चालक का शव बाहर निकालने के लिए भारी मशक्कत करनी पड़ी. कटर मशीन की मदद से लोहे के सरिए को काटा गया, जिसके बाद खून से लथपथ शव को गाड़ी से निकालकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया गया. घायल महिला का अस्पताल में इलाज जारी है.
एक्सप्रेसवे की सुरक्षा और नियमों पर उठे बड़े सवाल
इस खौफनाक हादसे ने एक्सप्रेसवे पर सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी है: तेज रफ्तार वाले इस कॉरिडोर की 'ओवरटेक लेन' (Overtake Lane) में धीमी गति का लोडिंग ई-रिक्शा कैसे चल रहा था? बिना किसी लाल कपड़े (खतरे के निशान) और सुरक्षा उपाय के खुलेआम जानलेवा सरिया लादकर ले जाने की अनुमति किसने दी?
पुलिस ने दुर्घटनास्थल का मुआयना कर कैब और ई-रिक्शा दोनों वाहनों को कब्जे में ले लिया है. पुलिस का कहना है कि हादसे की असली वजह और लापरवाही का सटीक पता लगाने के लिए एक्सप्रेसवे पर लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है.
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