कैसरगंज से भारतीय जनता पार्टी सांसद रहे बृजभूषण शरण सिंह को दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने महिला पहलवानों द्वारा लगाए गए यौन शोषण के मामले में बरी कर दिया है. हालांकि कोर्ट के इस फैसले पर बजरंग पूनिया की पहली प्रतिक्रिया से यह संकेत मिल रहे हैं कि उनकी मुश्किलें खत्म नहीं होंगी.
बजरंग पुनिया का ने एबीपी न्यूज़ से फोन पर बात करते हुए कहा कि हाईकोर्ट जाएंगे. उन्होंने कहा कि दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे जहां आगे की रणनीति का खुलासा होगा. फैसले के बाद कुश्ती जगत और राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज है.
अदालत के फैसले में क्या है?
अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (एसीजेएम) अश्विनी पंवार ने इस मामले में भारतीय जनता पार्टी के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह और डब्ल्यूएफआई के पूर्व सहायक सचिव तोमर को बरी कर दिया. छह महिला पहलवानों द्वारा दर्ज कराए गए मामले में अंतिम बहस पूरी होने के बाद दो जुलाई को अदालत ने आदेश तीन अगस्त के लिए सुरक्षित रख लिया था. मई 2024 में, एक अदालत ने सिंह के खिलाफ आपराधिक धमकी देने का आरोप तय करने का आदेश दिया था.
हालांकि, छह महिला पहलवानों में से एक की शिकायत के मामले में उन्हें बरी कर दिया गया था. दिल्ली पुलिस ने छह बार सांसद रहे सिंह के खिलाफ 15 जून को भारतीय दंड संहिता की धाराओं 354 (महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाने के इरादे से उस पर हमला या आपराधिक बल का प्रयोग), 354ए (यौन उत्पीड़न), 354डी (पीछा करना) और 506 (आपराधिक धमकी) के तहत आरोपपत्र दाखिल किया था. अदालत के विस्तृत आदेश का अभी इंतजार है..
