संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर असंध में किसानों ने बायोमेट्रिक सत्यापन के खिलाफ सड़क पर उतरकर जोरदार प्रदर्शन किया. किसानों ने सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक धरना दिया और सरकार के नए सिस्टम का विरोध जताया. प्रदर्शन के दौरान किसानों ने साफ कहा कि बायोमेट्रिक व्यवस्था उन्हें परेशान करने के लिए लागू की गई है.

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धरने में शामिल किसान रमेश ने कहा कि सरकार के पास पढ़े-लिखे अधिकारी और विधायक हैं, जिन्हें किसानों की समस्याओं की पूरी जानकारी है. इसके बावजूद ऐसा सिस्टम लागू किया जा रहा है, जिससे किसानों को दिक्कतें झेलनी पड़ रही हैं. उन्होंने कहा कि पहले भी किसानों की फसल बिना किसी परेशानी के मंडी में बिकती थी, तो अब इस नई व्यवस्था की क्या जरूरत है.

रमेश ने आगे बताया कि कई बार जमीन या ट्रैक्टर परिवार के किसी दूसरे सदस्य के नाम पर होते हैं. ऐसे में असली किसान बायोमेट्रिक सत्यापन कैसे कर पाएगा? उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की मंशा किसानों को तंग करने की है.

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मंडी में नहीं हुई गेहूं की खरीद

किसान नेता जोगिंदर सिंह ने कहा कि संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर यह प्रदर्शन किया गया है. उन्होंने बताया कि बायोमेट्रिक सत्यापन के चलते किसानों को मंडी में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है.

उन्होंने कहा कि पहले मंडी में गेट पास कटने के बाद यह साफ हो जाता था कि किसान अपनी फसल लेकर आया है. ट्रैक्टर और फसल की पहचान के बाद खरीद प्रक्रिया शुरू हो जाती थी. लेकिन अब बायोमेट्रिक सिस्टम के कारण काम रुक गया है. उन्होंने दावा किया कि आज असंध मंडी में गेहूं का एक भी कट्टा नहीं तुला.

पुरानी व्यवस्था बहाल करने की मांग

धरने पर बैठे किसानों ने सरकार से मांग की कि गेहूं खरीद के दौरान बायोमेट्रिक सत्यापन को तुरंत बंद किया जाए. किसानों का कहना है कि पहले की तरह सरल व्यवस्था लागू की जाए, जिससे उन्हें किसी तरह की परेशानी न हो.

किसानों ने चेतावनी दी कि अगर सरकार ने उनकी मांगों पर जल्द ध्यान नहीं दिया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा. फिलहाल असंध में किसानों का विरोध प्रदर्शन जारी है और सरकार से समाधान की उम्मीद की जा रही है.