हरियाणा में इनेलो प्रमुख अभय सिंह चौटाला ने हाईकोर्ट में Z+ सिक्योरिटी की मांग रखी थी. अभय चौटाला की ओर से उनको जान का खतरा बताया गया है. इस मामले में अदालत ने राज्य की नायब सिंह सैनी सरकार से जवाब मांगा है. सरकार का जवाब आने के बाद ही अभय चौटाला की सुरक्षा को लेकर बात क्लियर हो पाएगी.
अभय चौटाला ने हाईकोर्ट को बताया कि उन्हें और उनके परिवार को अतिरिक्त सुरक्षा मुहैया कराई जाए. बता दें कि पिछले कई दिनों से उन्हें लगातार धमकियां दी जा रही है. इस याचिका पर मंगलवार (2 दिसंबर) को सुनवाई हुई. जिसमें कोर्ट ने इस मामले पर सरकार से जवाब तलब किया है. इस बीच अभय चौटाला के वकील ने जानकारी दी है.
अभय चौटाला के वकील ने क्या कहा?
इस याचिका पर अधिवक्ता संदीप गोयल ने जानकारी दी. इस पर उन्होंने कहा कि मंगलवार (2 दिसंबर) को अभय चौटाला की ओर से केंद्र सरकार से मांगी गई Z+ सुरक्षा वाली याचिका पर सुनवाई हुई. सुनवाई में कोर्ट ने संज्ञान लिया.
उन्होंने आगे बताया कि संज्ञान लेते हुए कोर्ट ने केंद्र सरकार, प्रदेश सरकार और केंद्र शासित प्रदेश प्रशासन तीनों से जवाब दाखिल करने के लिए कहा गया. संदीप गोयल ने आगे दी गई जानकारी में बताया कि इस मामले में कोर्ट ने सरकारों और प्रशासन से 16 दिसंबर तक जवाब दाखिल करने के लिए कहा है. कोर्ट ने कहा, "जो आरोप अभय सिंह चौटाला की ओर से प्रशासन और सरकार पर सुरक्षा को लेकर लगाए गए हैं. उस पर अगली सुनवाई पर सभी को जवाब लेकर आने के लिए कहा गया."
याचिका में इन बातों को बनाया गया आधार
अभय चौटाला की तरफ से याचिका में कई बातें बताई गईं. उसमें उन्होंने बताया कि जो पहले Y+ सुरक्षा उन्हें कोर्ट के आदेश पर मिली थी. उसमें भी जो सुविधाएं उपलब्ध हैं उन्हें आज तक नहीं दी गई. याचिका में बताया गया कि चुनाव के दौरान भी उनकी Y+ सुरक्षा में चूक हुई.
इसके अलावा उन्हें पहले जींद के अंदर धमकी मिली थी. इसे भी आधार बनाया गया. साथ ही हमारी पार्टी के दो नेताओं में प्रदेश अध्यक्ष नफे सिंह राठी जिनकी हत्या की गई थी. इसके अलावा नारायणगढ़ से पार्टी के प्रत्याशि सरदार हरविलास की भी हत्या हुई.
इसमें आगे बताया कि 15 जुलाई को अभय चौटाला के बड़े बेटे कर्ण सिंह चौटाला के फोन पर विदेश नंबर से एक धमकी भरा कॉल आया. उसमें कहा गया, "अपने पिता को समझा लो वरना उनका भी वही हाल होगा जा तुम्हारी पार्टी के प्रधान का हुआ था."
प्रदेश अध्यक्ष नफे सिंह राठी की हुई थी हत्या
अधिवक्ता ने आगे बताया कि प्रदेश में यह सबको पता है कि पार्टी की प्रदेश नफे सिंह राठी की हत्या की गई. उन्होंने आगे बताया कि जिस तरह से अभय चौटाला नफे सिंह राठी के आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर समय-समय पर मांग उठाते रहे. इसके अंदर अंतराष्ट्रीय गैंगस्टर की संलिप्तता भी सामने आई. जिसमें उसने खबर चलाई थी कि जो राठी की मदद करेगा उसको 50 गोलियां मारी जाएंगी.
उन्होंने आगे बताया कि इस सबके बाद कोर्ट के आदेश पर अभय चौटाला को Y+ सुरक्षा मुहैया कराई गई. उन्होंने आगे बताया कि 15 जुलाई को मिली धमकी के बाद तुरंत एफआईआर कराई गई जिस पर प्रशासन की ओर से कोई पॉजीटिव एक्शन नहीं लिया गया. अधिवक्ता ने आगे बताया कि जिस नंबर से कॉल आई उसकी अभी तक कोई जांच नहीं हुई.न ही चंडीगढ़ में उनकी कोठी पर Y+ सुरक्षा के लिहाज विशेष इंतजाम किए गए.