गुजरात के वडोदरा जिले में महिसागर नदी पर बने गंभीरा पुल ढहने के बाद नदी में गिरी गाड़ियों को बाहर निकाला जा रहा है. ये हादसा 9 जुलाई को हुआ था. पुल गिरने से हुए हादसे में 20 लोगों की जान चली गई है. बुधवार (9 जुलाई) को सुबह पादरा कस्बे के निकट गंभीरा गांव के पास चार दशक पुराने पुल का एक हिस्सा ढह जाने से कई गाड़ियां महिसागर नदी में गिर गई थी.
यह पुल आणंद और वडोदरा जिलों को जोड़ता है. इस बीच, प्रारंभिक जांच रिपोर्ट का हवाला देते हुए राज्य के एक मंत्री ने कहा था कि पुल का हिस्सा ढहने का कारण बेस में दरार और जोड़ का टूटना रहा. वडोदरा के जिलाधिकारी ने पुल हादसे में 20 लोगों के मारे जाने की पुष्टि की.
गंभीरा पुल ढहने से 20 लोगों की गई जान
पीटीआई के मुताबिक वडोदरा के डीएम अनिल धमेलिया ने 11 जुलाई को जानकारी देते हुए बताया, ‘‘पहले दिन हमें 12 शव और दूसरे दिन छह शव बरामद हुए. दुर्भाग्यवश एक पीड़ित की अस्पताल में मौत हो गई जबकि एक और शव बरामद किया गया.’’ एसएसजी अस्पताल में इलाजरत पांच घायलों में से एक, दहेवन निवासी 45 वर्षीय नरेंद्र सिंह परमार की शुक्रवार को मौत हो गई थी.
CM ने 4 इंजीनियर्स को किया निलंबित
गुजरात के सीएम भूपेंद्र पटेल ने पुल ढहने के सिलसिले में गुरुवार (10 जुलाई) को कार्रवाई करते हुए राज्य के सड़क और भवन विभाग के चार इंजीनियर को निलंबित कर दिया था. राज्य के मंत्री ऋषिकेश पटेल ने घटनास्थल का दौरा किया था और मीडिया को बताया था कि मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल की ओर से गठित एक समिति द्वारा प्रस्तुत प्रारंभिक रिपोर्ट के आधार पर निलंबन की कार्रवाई की गई है. उन्होंने ये भी बताया कि राज्य के सड़क एवं भवन विभाग की एक उच्च स्तरीय जांच समिति 30 दिनों में एक विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी.
दौरे के बाद मंत्री ऋषिकेश पटेल ने बताया कि राज्य में जिन 7,000 पुलों का सर्वेक्षण किया गया है, उनमें से सरकार ने उन पुलों की पहचान की है, जिनकी मरम्मत या नए पुल के निर्माण की जरूरत है. पटेल ने बाद में एसएसजी अस्पताल में घायलों से मुलाकात की और उनके स्वास्थ्य के बारे में जानकारी ली.