Rohan Gupta Resigns: लोकसभा चुनाव में उम्मीदवारी वापस लेने के बाद रोहन गुप्ता ने अब कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया है. उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को भेजी चिट्ठी में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं.
रोहन गुप्ता ने कहा, ''मैं तत्काल प्रभाव से कांग्रेस पार्टी के सभी पदों और प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा देता हूं. मुझे यह बताते हुए दुख हो रहा है कि पिछले दो वर्षों से पार्टी के संचार विभाग से जुड़े एक वरिष्ठ नेता द्वारा लगातार अपमान और चरित्र हनन किया जा रहा है. अब व्यक्तिगत संकट के समय में मुझे यह (इस्तीफा) निर्णय लेने के लिए मजबूर किया.''
रोहन गुप्ता ने दावा किया कि इसकी जानकारी पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं को है. रोहन गुप्ता कांग्रेस के तेजतर्रार प्रवक्ता के तौर पर जाने जाते थे.
रोहन गुप्ता ने कहा कि मैंने पिछले 13 वर्षों से राष्ट्रीय स्तर पर विभिन्न भूमिकाओं में पार्टी की सेवा की है और राष्ट्रीय नेतृत्व के सहयोग से सभी जिम्मेदारियों को बड़ी ईमानदारी और ईमानदारी से सफलतापूर्वक पूरा किया है.
उन्होंने कहा, ''जब मैं अपने पिता के गंभीर स्वास्थ्य मुद्दों से जूझ रहा था और जीवन के सबसे खराब दौर से गुजर रहा था, वही नेता फिर से गुजरात और राष्ट्रीय स्तर पर अपने करीबी सहयोगियों के समर्थन से पिछले तीन दिनों से मेरे खिलाफ अपमानजनक अभियान चला रहे हैं. उनके व्यवहार ने गंभीर मानसिक पीड़ा और तनाव पैदा किया है और मुझे अपने आत्मसम्मान की रक्षा के लिए टूटे हुए दिल से पार्टी से इस्तीफा देने के लिए मजबूर किया है.''
उम्मीदवारी वापस ली
कांग्रेस ने अहमदाबाद (पूर्व) लोकसभा सीट से रोहन गुप्ता को उम्मीदवार बनाया था. हालांकि उन्होंने अपनी उम्मीदवारी वापस ले ली. रोहन के पिता राजकुमार गुप्ता ने 2004 के लोकसभा चुनाव में तत्कालीन अहमदाबाद सीट से कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ा था, लेकिन वह असफल रहे थे.
रोहन ने मंगलवार (19 मार्च) को कहा था कि उनके पिता उनके चुनाव लड़ने के फैसले से खुश नहीं हैं और उन पर दबाव डालने के लिए उन्होंने कुछ दिन पहले कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया और पार्टी के साथ अपने दशकों पुराने रिश्ते भी तोड़ दिए.
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