Gujarat News: मौसम विभाग की भविष्यवाणी के बीच गुजरात के सूरत जिले में मौसम ने अचानक करवट ली है. आज सुबह से ही सूरत के कुछ इलाकों में हल्की बारिश की फुहारें देखने को मिलीं. सरसाना कन्वेंशन डोम से सूरत डायमंड बुर्स जाने वाले मार्ग पर बारिश के कारण सड़कें गीली हो गईं. कई क्षेत्रों में सुबह से बादल छाए रहने के कारण दृश्यता कम हो गई, जिससे वाहन चालकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा.
दक्षिण गुजरात में भी बारिश की दस्तक
असमय बारिश की शुरुआत होते ही किसानों की चिंता भी बढ़ गई है. रबी की फसलें इस समय तैयार अवस्था में हैं और यदि बारिश या ओलावृष्टि ज्यादा होती है तो फसलों को भारी नुकसान हो सकता है. कल कच्छ, सौराष्ट्र और उत्तर गुजरात में असमय बारिश के बाद अब आज दक्षिण गुजरात के जिलों में भी बारिश शुरू हो गई है. नवसारी और सूरत के कुछ हिस्सों में सुबह से ही बारिश की हल्की फुहारें पड़ीं.
नवसारी के मरोली क्षेत्र में ओलावृष्टि होने की खबर सामने आई है, जिससे किसान और ज्यादा चिंतित हो गए हैं. बादलों की वजह से कई जगहों पर दृश्यता बेहद कम हो गई, जिससे सुबह के समय यातायात प्रभावित रहा. प्रशासन की ओर से किसानों को सलाह दी गई है कि वे अपनी फसलों को सुरक्षित स्थान पर रखें.
महिसागर और उत्तर गुजरात में बदला मिजाज
महिसागर जिले में भी मौसम में बदलाव देखा गया है. लुणावाडा सहित आसपास के तालुकों में सुबह से बादल छाए रहे. वहीं उत्तर गुजरात के कई इलाकों में घना कोहरा देखने को मिला. बनासकांठा, वाव और थराद के ग्रामीण क्षेत्रों में कोहरे के कारण सड़कों पर वाहनों की रफ्तार धीमी पड़ गई.
मौसम विभाग ने बनासकांठा जिले में आज असमय बारिश की संभावना जताई है, जिससे किसान पहले से ही सतर्क हो गए हैं. मौसम विभाग के अनुसार पाकिस्तान में बने अपर एयर साइक्लोनिक सर्कुलेशन के प्रभाव के कारण राज्य के कई हिस्सों में ओलावृष्टि की आशंका बनी हुई है. कच्छ, सौराष्ट्र और उत्तर गुजरात के कुछ इलाकों में ओले गिरने की संभावना जताई गई है.
ओलावृष्टि का अलर्ट, फसलों पर खतरा
मौसम विभाग के अनुसार पाकिस्तान में बने अपर एयर साइक्लोनिक सर्कुलेशन के प्रभाव के कारण राज्य के कई हिस्सों में ओलावृष्टि की आशंका बनी हुई है. कच्छ, सौराष्ट्र और उत्तर गुजरात के कुछ इलाकों में ओले गिरने की संभावना जताई गई है.
आज जामनगर, मोरबी, द्वारका, कच्छ और पोरबंदर में असमय बारिश का अनुमान है. वहीं साबरकांठा, बनासकांठा और पाटन जिले के ग्रामीण इलाकों में भी ओलावृष्टि की चेतावनी दी गई है. पिछले दो दिनों से हो रही बारिश और ओलावृष्टि के कारण जीरा, राई, अरंडी, गेहूं, चना, तुअर, धनिया और इसबगोल जैसी रबी फसलों को नुकसान पहुंचने का खतरा बढ़ गया है.
कई इलाकों में मानसून जैसा माहौल
कच्छ के रापर तालुका में मानसून जैसी तेज बारिश देखने को मिली, जिससे सड़कों पर पानी बहने लगा. सौराष्ट्र के धोराजी क्षेत्र में तेज हवाओं के साथ बारिश का माहौल बना रहा. पोरबंदर, द्वारका, कल्याणपुर, जूनागढ़ और राजकोट सहित कई इलाकों में बारिश की फुहारें पड़ीं.
उत्तर गुजरात के वाव, थराद और सुईगाम क्षेत्रों में भी असमय बारिश दर्ज की गई है. कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि यदि बारिश और ओलावृष्टि जारी रही, तो फसलों में फफूंदी लगने और हवा से नुकसान होने की आशंका है.
किसानों के लिए जारी की गई एडवाइजरी
मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए राज्य कृषि विभाग ने किसानों के लिए विशेष मार्गदर्शिका जारी की है. इसमें किसानों से अपील की गई है कि खेत में कटी हुई या तैयार फसल को तुरंत सुरक्षित स्थान पर ले जाएं. फसलों को प्लास्टिक या तिरपाल से ढकने, खेत के चारों ओर मिट्टी का बांध बनाने और पानी के जमाव से बचाव के निर्देश दिए गए हैं.
इसके अलावा खाद, बीज और कीटनाशकों को सुरक्षित रखने, बारिश के दौरान दवाइयों का छिड़काव टालने और एपीएमसी में रखी कृषि उपज को ढककर रखने की सलाह दी गई है. प्रशासन ने किसानों से सतर्क रहने और मौसम से जुड़ी जानकारी पर नजर बनाए रखने की अपील की है.