गुजरात के कई हिस्सों में भारी बारिश और बाढ़ से जनजीवन पूरी तरह से अस्त-व्यस्त है. इससे जुड़े हादसों में कई लोग अपनी जान गंवा चुके हैं. स्टेट इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर के आंकड़ों के मुताबिक, राज्य में बारिश की वजह से अब तक 31 लोगों की मौत हो चुकी है. कई जिलों में स्थिति अभी गंभीर है और बचाव अभियान चलाया जा रहा है.

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गुजरात सरकार ने शनिवार को बाढ़ प्रभावित कई जिलों में राहत और पुनर्निर्माण कार्यों को तेज कर दिया है. भारी बारिश और बाढ़ से बने हालात को देखते हुए प्रशासन हाई अलर्ट पर है. एनडीआरएफ कर्मियों के साथ-साथ एसडीआरएफ, सेना और तटरक्षक बल की कुल 49 टीमों को अलग-अलग जिलों में तैनात किया गया है. नुकसान का भी आकलन किया जा रहा है.

वलसाड, आणंद, मेहसाणा समेत कई जिले अस्त-व्यस्त

राहत आयुक्त गौरांग मकवाना ने जानकारी देते हुए बताया कि बारिश से जुड़ी मौतें तापी, वलसाड, आणंद, मेहसाणा और पंचमहल जिलों में हुई हैं. नर्मदा नहर से ज्यादा पानी आने की वजह से सुरेंद्रनगर जिले में धोलीधाजा डैम 100 प्रतिशत कैपेसिटी पर पहुंच गया है. अधिकारियों ने सुरेंद्रनगर, रतनपार, जोरावरनगर, वधवान, मेमका, भदियाद, नाना केरला, सांकली, शियाणी, नटवरगढ़, दौलतपार, रामराजपार, जम्बू और परनाला समेत निचले इलाकों के लोगों को नदी में न जाने और सावधानी के तौर पर अपना सामान और जानवरों को सुरक्षित जगहों पर ले जाने के लिए कहा है.

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सनाथल-बगोदरा हाईवे पर ट्रैफिक बाधित

उधर, चांगोदर और बावला के बीच सनाथल-बगोदरा हाईवे पर ट्रैफिक रोक दिया गया है. अधिकारियों ने गाड़ी ड्राइव करने वालों को सलाह दी कि वे वेजलका-बगोदरा हिस्से से धोलेरा एक्सप्रेस हाईवे का इस्तेमाल करें. राजकोट से आने वाली गाड़ियों को भी डायवर्जन का इस्तेमाल करने की सलाह दी गई है. अधिकारियों ने लोगों से गैर-जरूरी यात्रा से बचने और बचाव काम में लगी पुलिस और प्रशासन की टीमों के साथ सहयोग करने की अपील की. ​​अहमदाबाद-विरमगाम हाईवे भी ज्यादा पानी के बहाव की वजह से बाधित है.

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